रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फर्जी डिग्री और नौकरी दिलाने के नाम पर की गई 2.34 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य गिरोह से जुड़ी एक महिला आरोपी साक्षी सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी को दिल्ली से पकड़कर रायपुर लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, साक्षी सिंह इस पूरे फर्जीवाड़े में अहम भूमिका निभा रही थी। वह फर्जी MBBS और BAMS की डिग्रियां तैयार कर गिरोह के अन्य सदस्यों को सप्लाई करती थी। इन डिग्रियों का इस्तेमाल कर भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था और उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। इससे पहले इस मामले में पुलिस चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाई से यह स्पष्ट हो रहा है कि यह एक संगठित गिरोह था, जो लंबे समय से फर्जी डिग्री बनाकर लोगों को ठग रहा था। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी साक्षी सिंह के पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इन मोबाइल फोन में कई अहम डिजिटल सबूत मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इस पूरे मामले की जांच रायपुर के सिविल लाइन थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस अधिकारीयों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य लोगों को मेडिकल क्षेत्र में नौकरी दिलाने का लालच देते थे। फर्जी डिग्री दिखाकर उन्हें विश्वास में लिया जाता था और फिर उनसे लाखों रुपये की ठगी की जाती थी। कई पीड़ितों ने इस गिरोह के झांसे में आकर अपनी जमा पूंजी गंवा दी। यह मामला न केवल साइबर और दस्तावेजी अपराध का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह बेरोजगारी और नौकरी की तलाश में लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संस्था या व्यक्ति के झांसे में आने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। Post Views: 21 Please Share With Your Friends Also Post navigation गरियाबंद पुलिस ने 63.50 लाख रूपये के हीरे के साथ एक तस्कर को किया अरेस्ट, ओडिशा से आकर ग्राहक की कर रहा था तलाश साइबर ठगी : रात के अंधेरे में चलता था ‘डॉलर फ्रॉड’, तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर छापा, अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़