हिंदू नववर्ष 2026: 19 मार्च 2026 से हिंदू नववर्ष की शुरुआत हो रही है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के इस दिन को लेकर शहरों और गांवों में तैयारी शुरू हो चुकी है। मंदिरों में साफ-सफाई, घरों में पूजा की तैयारी और बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी तेज हो गई है।

नववर्ष पर गणेश पूजा क्यों मानी जाती है जरूरी
स्थानीय पुजारियों के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से की जाती है। मान्यता है कि गणेश जी विघ्नहर्ता हैं और उनके स्मरण से सालभर कार्य बिना बाधा के पूरे होते हैं।

शहर के पुराने मंदिरों—जैसे मुख्य बाजार के पास स्थित गणेश मंदिर—में सुबह से ही विशेष पूजा की तैयारी की जा रही है। श्रद्धालु यहां आकर नए साल की शुरुआत शुभ मंत्रों के साथ करेंगे।

गणेश जी के प्रमुख मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
पंडितों का कहना है कि इन मंत्रों का जाप सुबह स्नान के बाद, शांत मन से करना चाहिए।

लोगों पर असर और क्या करें
नववर्ष के दिन कई इलाकों में सुबह से धार्मिक आयोजन होंगे। कुछ जगहों पर भजन-कीर्तन और कलश यात्रा भी निकाली जाएगी। इससे मुख्य सड़कों—जैसे बाजार रोड और मंदिर मार्ग—पर कुछ समय के लिए भीड़ बढ़ सकती है।

निवासियों को सलाह दी जा रही है कि सुबह के समय अगर बाहर निकलना हो तो समय का ध्यान रखें। वहीं, घरों में लोग पूजा के साथ नए संकल्प भी ले रहे हैं—पढ़ाई, स्वास्थ्य और करियर को लेकर।

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By Chhattisgarh Kranti

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