नई दिल्ली। आयकर विभाग ने टैक्स चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इसी कड़ी में देश के 60 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स के खिलाफ छापेमारी की है। हैदराबाद के एक बिरयानी रेस्टोरेंट समूह द्वारा हजारों करोड़ रुपये की कर चोरी के खुलासे के बाद यह छापेमारी की गई है। शक है कि रेस्टोरेंट्स द्वारा सैंकड़ों करोड़ रुपये की बिक्री कम करके दिखाई गई। देशभर में आयकर विभाग ने कर चोरी के शक में कई प्रमुख रेस्टोरेंट की तलाशी ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया कि जांच के दौरान रेस्टोरेंट की ओर से 408 करोड़ की कम बिक्री बताए जाने का खुलासा हुआ। यह कार्रवाई हैदराबाद स्थित प्रसिद्ध बिरयानी रेस्टोरेंट समूह से जुड़े 70 हजार करोड़ के कर चोरी मामले के सामने आने के बाद की गई। आयकर विभाग को संदेह है कि इन रेस्टोरेंट समूह ने वास्तविक बिक्री छिपाने और कर बचाने के लिए हेरफेर में बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है। CBDT का टैक्स चोरी पर खुलासा सीबीडीटी ने बताया, 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट का सर्वे किया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि करीब 408 करोड़ की बिक्री छिपाई गई है। साथ ही, इन नतीजों की जांच चल रही है। कर अधिकारियों के नवंबर 2025 में फूड एवं बेवरेज सेक्टर में जांच शुरू करने के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई। जांच के दौरान, यह पाया गया कि कई रेस्टोरेंट असल बिक्री को छिपाने के लिए बल्क बिल डिलीट करने और दूसरे बदलाव करने में लगे हुए थे। रविवार से देशभर में रेस्टोरेंटों की तलाशी अभियान के बाद 63,000 आउटलेट को ईमेल और संदेश भेजे जा रहे हैं। इसमें उनसे 31 मार्च तक अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) अपडेट करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान तब शुरू हुआ जब हैदराबाद में विभाग की शाखा ने हाल ही में स्थानीय बिरयानी कंपनी का सर्वे किया जो बिलिंग सॉफ्टवेयर बनाती है। इसमें पाया कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट कथित तौर पर अपनी आय कम दिखाने के लिए सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर रहे थे। करोड़ो रुपयों की चोरी अधिकारियों का अनुमान है कि अकेले हैदराबाद में मौजूद रेस्टोरेंट के लिए संदिग्ध कर चोरी हजारों करोड़ रुपये की हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह सर्वे और वेरिफिकेशन रविवार से कई शहरों में शुरू किया गया है और इसका मकसद यह पता लगाना है कि कर चोरी कितनी हो सकती है। किस-किस शहर में हुई कार्रवाई? आयकर विभाग ने शिमला, मुरथल, चंडीगढ़, लुधियाना, गोधरा, अहमदाबाद, कोल्लम, कोच्चि, मदुरै, गुवाहाटी, दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में स्थित 62 रेस्टोरेंट के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। यह सर्वे आयकर अधिनियम के सेक्शन 133A के तहत किया गया था, जिसका उद्देश्य रेस्टोरेंट की किताबें, बैंक स्टेटमेंट, कैश, स्टॉक और अन्य दस्तावेजों की जाँच करना था। Post Views: 18 Please Share With Your Friends Also Post navigation विधानसभा में करोड़ों के धान को चूहे खा जाने के मुद्दे पर आया स्थगन, प्रस्ताव खारिज होने पर विपक्ष का हंगामा, हुए निष्कासित छत्तीसगढ़ शासन ने नागरिक सहायता के लिए नई दिल्ली में लॉयजन अधिकारी लेखा अजगल्ले को नोडल अधिकारी नियुक्त किया