हिट एंड रन: 15 साल की नाबालिग चला रही थी कार, तीन को उड़ा डाला, पिता समेत नाबालिग गिरफ्त में…

धरमजयगढ़। पिछले दिनों हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। घटना में तीन लोगों की मौत के बाद अब पुलिस ने खुलासा किया है कि हादसे के वक्त कार 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी चला रही थी। रविवार को पुलिस ने कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए बताया कि आरोपी नाबालिग को पकड़ लिया गया है और उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (BNS धारा 105) का मामला दर्ज किया गया है। साथ ही किशोरी के पिता घनश्याम महिलाने को भी आरोपी बनाया गया है, जिन्होंने नाबालिग को वाहन सौंपा था। पिता के खिलाफ एमवी एक्ट की धारा 199 सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

यह वही मामला है जिसमें शुरूआत में पुलिस ने मामूली और जमानती धाराओं में कार्रवाई कर मामले को कमजोर करने की कोशिश की थी। भास्कर ने पहले दिन से ही इस पर सवाल उठाए थे। पुलिस ने शुरुआत में धारा 106(1) के तहत केस दर्ज किया था, जो कि जमानती धारा है। तीन दिनों तक न तो आरोपी का नाम सार्वजनिक किया गया और न ही कोई गिरफ्तारी हुई। मामले में देर से सही, लेकिन अब पुलिस ने गंभीर धाराएं जोड़ते हुए कार्रवाई शुरू की है।

कैसे हुआ हादसा?

घटना 30 अक्टूबर की है। धरमजयगढ़ के पास चाल्हा मोड़ पर तेज रफ्तार कार ने पहले सड़क किनारे खड़ी एक महिला को रौंद दिया और फिर बाइक सवार दो युवकों को भी अपनी चपेट में ले लिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे सामान्य सड़क दुर्घटना मानते हुए सिर्फ खानापूर्ति की।हालांकि, घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। वीडियो में देखा गया कि टक्कर के बाद कार कुछ दूर जाकर रुकी और उसमें सवार एक युवती और दो युवक नीचे उतरकर कार छोड़कर भाग गए। इससे संवेदनहीनता और लापरवाही दोनों स्पष्ट नजर आईं।

नाबालिग पिकनिक से लौट रही थी, शराब सेवन की भी आशंका

जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि हादसे के दिन नाबालिग किशोरी अपने दो दोस्तों के साथ मिरीगुड़ा से कापू पिकनिक मनाने गई थी। तीनों सुबह घर से निकले थे और बताया जा रहा है कि लौटते समय वे नशे में थे। दोपहर करीब 12 बजे हादसा हुआ। यह भी गंभीर सवाल खड़ा करता है कि नाबालिगों ने शराब कैसे और कहां से खरीदी।

रायगढ़ में बढ़ रहे नाबालिग ड्राइविंग के मामले

ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष अब तक रायगढ़ जिले में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के 20 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 31,500 रुपए का चालान भी वसूला गया है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है।डीएसपी ने स्पष्ट किया कि 16 वर्ष की आयु वाला किशोर केवल बिना गियर वाले दोपहिया वाहन को ही चला सकता है, वह भी वैध लर्निंग लाइसेंस के साथ। 18 वर्ष पूरा होने पर ही किसी भी प्रकार का वाहन चलाने की अनुमति मिलती है। इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में स्कूल-कॉलेज के छात्र बिना लाइसेंस और सुरक्षा के तेज रफ्तार वाहन चलाते दिखाई देते हैं।

अब आगे क्या?

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि नाबालिगों को शराब किसने उपलब्ध कराई और घटना के बाद आरोपियों के भागने में किसने मदद की। इस घटना ने अभिभावकों को भी चेतावनी दी है कि नाबालिग बच्चों को वाहन उपलब्ध कराना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि दूसरों की जान के लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है।

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By Chhattisgarh Kranti

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