अवैध बांग्लादेशी दंपती चढ़े पुलिस के हत्थे, फर्जी दस्तावेजों के साथ 12 साल से छिपकर रह रहे थे… दुर्ग : जिले के भिलाई में विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपनी पहचान छिपाकर करीब 10-12 साल से भिलाई के छावनी क्षेत्र में रह रहे थे। पुलिस ने इनके पास से बांग्लादेशी पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र और राष्ट्रीय नागरिकता परिचय पत्र सहित कई दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में जांच जारी है और फर्जी दस्तावेज बनाने वालों की तलाश तेज कर दी गई है। बता दें कि दुर्ग के छावनी थाना क्षेत्र के कैंप-2, अमन लकड़ी टाल के पास एक किराए के मकान में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के रहने की सूचना मिली थी। भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के नेतृत्व मे एसटीएफ और छावनी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। पूछताछ में पुरुष ने अपना नाम मोहम्मद अली शेख और महिला ने साथी शेख खातून बताया, दोनों ने खुद को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना का निवासी होने का दावा किया। पुलिस ने दोनों के दस्तावेजों और मोबाइल डेटा की गहन जांच की। जांच में पता चला कि मोहम्मद अली शेख का असली नाम मोहम्मद अब्दुल रौब हुसैन है। उसने साथी शेख खातून से शादी की और भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, और वोटर कार्ड बनवाए। इसके अलावा, उनके पास बांग्लादेशी पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, और बांग्लादेश का राष्ट्रीय नागरिकता परिचय पत्र भी बरामद हुआ। दोनों बांग्लादेश में अपने रिश्तेदारों से ऐप और नेट कॉलिंग के जरिए लगातार संपर्क में थे। इस मामले में भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। Post Views: 185 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG : पुलिस कॉन्स्टेबल ने नाबालिग से किया रेप, पीड़िता के आपबीती बताने के बाद भी परिजनों ने नही दिया साथ,अब पुलिस ने किया FIR CG News : सेंसर टेक्नोलॉजी का केंद्र बनेगा IIT भिलाई, जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ सीजेन के साथ MOU, रिसर्च- नवाचार को मिलेगा बढ़ावा