सूरत। आधुनिकत के रेस में लोग इतनी तेजी से आगे भाग रहे हैं कि उन्हें ना तो रिश्तों की मर्यादा की परवाह है और ना ही समाज का डर। सेक्स और प्रेम संबंध के मामले में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। संबंध बनाने के दौरान चरमसुख के लिए आज लोग हर मर्यादा पार करने के लिए आतुर हैं। ऐसा ही एक मामला गुजरात के सूरत से सामने आया है, जहां पत्नियों की अदला-बदली के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस रैकेट में करीब 400 पति-पत्नी थे। आपको ये जानकर और भी हैरानी होगी जब ये जानेंगे कि एक रात के लिए कपल को 20000 रुपए तक मिलते थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब इस रैकेट में फंसी एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वाइफ स्वैपिंग रैकेट का हुआ खुलासा वायरल वीडियो में महिला ने दावा किया है कि शादी के तीन महीने बाद ही उसके पति ने उसे वाइफ स्वैपिंग के लिए फोर्स किया। पति ने कहा कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, उन्हें आनंद मिलेगा और नए लोगों से मिलने में मदद मिलेगी। पीड़िता ने वाइफ स्वैपिंग नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझाते हुए बताया कि वाइफ स्पैपिंग में हिस्सा लेने के लिए सबसे पहले फर्जी नाम से फेसबुक पर अकाउंट बनाना पड़ता है और इस प्रोफाइल पर दंपति की चुनिंदा तस्वीरें अपलोड की जाती हैं, जिसके बाद अन्य जोड़े भी इसमें शामिल होकर बातचीत करने लगते हैं। फेसबुक पर होती थी दोस्ती पीड़िता ने बताया कि फेसबुक पर जुड़े कुछ कपल ऐसे होते हैं जो पहले ही एक दूसरे को जानते हैं और कुछ कपल नए होते हैं। पहले तो फेसबुक पर नए कपल से सामान्य बातचीत होती है और फिर धीरे से उन्हें चाय-कॉफी पार्टी के लिए होटल में आमंत्रित किया जाता है। फिर वे घूमने के लिए कोई जगह ढूंढते हैं और बाहर जाने का फैसला करते हैं, जिसके बाद वे होटल का कमरा बुक करते हैं और वहां ठहरते हैं। चूंकि वे कपल हैं, इसलिए होटल के कमरे बुक करने में कोई समस्या नहीं होती है। 400 से अधिक कपल जुड़े हैं रैकेट में उन्होंने आगे बताया कि ‘जोड़े इकट्ठा होते हैं और शारीरिक संबंधों के बारे में बात करते हैं। जो जोड़े एक-दूसरे की पत्नियों को पसंद करते हैं, वे आपस में फैसला कर लेते हैं। फिर वे बुक किए गए कमरों में चले जाते हैं। इस तरह के टूर महीने में 2-3 बार आयोजित किए जाते हैं। इसमें अमीर और मध्यम वर्ग के लोग शामिल होते हैं। मध्यम वर्ग के लोगों को तो एक रात के लिए 20,000 रुपए तक की पेशकश भी की जाती है। शुरुआत में 4-5 जोड़े होते थे। धीरे-धीरे यह संख्या बढ़कर लगभग 15 हो गई। अब 400 से अधिक जोड़े हैं।’ पीड़िता ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि शादी के लगभग तीन महीने बाद ही उनसे कपल स्वैपिंग के लिए कहा। उन्होंने कहा, “यह सब देखकर मैं डर गई। मेरे पति ने ऐसा प्रस्ताव रखा। मेरे पति मुझे कपल स्वैपिंग में शामिल करना चाहते थे, लेकिन मैंने मना कर दिया। मैंने इसका विरोध किया।” उन्होंने कहा, ‘मेरे पास चैट के सबूत हैं। अन्य सबूत भी हैं, जिन्हें मैं समय आने पर पेश करूंगी। यह मूल विचार मेरे पति और उनके बड़े भाई और उनकी पत्नी का है। उनका कहना है कि अगर पति का किसी अन्य महिला से संबंध हो और पत्नी को पता चल जाए, तो शादी टूटने का खतरा रहता है। इसके बजाय, पत्नी को ही इसमें शामिल करें; अगर वह सहमत हो जाती है, तो मामला सार्वजनिक नहीं होगा। आपसी सहमति से वाइफ स्वैपिंग करते हैं कपल पीड़िता आगे कहती हैं कि ज़्यादातर मामलों में इसमें आपसी सहमति होती है। कुछ जोड़े पैसे के लिए ऐसा करते हैं, जबकि कुछ सिर्फ़ आनंद के लिए करते हैं। मेरे हिसाब से सूरत में हज़ारों जोड़े इसमें शामिल होंगे। कुछ पत्नियाँ मान जाती हैं। अगर कुछ मान नहीं जातीं, तो उनके पति उन्हें ब्लैकमेल करते हैं। जब मैंने मना किया, तो मुझे पीटा गया। मैंने अपने पति के खिलाफ़ केस भी दर्ज कराया है। फिलहाल मेरा केस पुलिस और परिवार न्यायालय में चल रहा है। मामले को उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी तक पहुंचाने की इच्छा रखते हुए पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी से अपना संदेश पहुंचाने की अपील की है। उन्होंने कहा, “कई बहनें और बेटियां इस जाल में फंसी हुई हैं, लेकिन वे किसी से बात नहीं कर सकतीं। कृपया मेरा संदेश उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी तक पहुंचाएं। मैं उनसे मिलना चाहती हूं और अपनी बात रखना चाहती हूं। कृपया कोई भला इंसान मेरी मदद करे। यह एक गंभीर मुद्दा है। यह बुराई समाज में फैल रही है और घरों को तोड़ रही है।” Post Views: 37 Please Share With Your Friends Also Post navigation आम आदमी के लिए जरूरी खबर.. नहीं मिलेगा एक बूंद भी पेट्रोल, इस वजह से यहां की सरकार ने लाई रोक