नई दिल्ली। शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय के देवता माना गया है। धर्म ग्रथों में बताया गया है कि शनि देव व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते है। शनिवार का दिन विशेष रूप से शनि देव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। शनिवार के दिन शनि देव को तेल चढ़ाना बेहद फलदाई माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं इसकी सही विधि, साथ ही जानेंगे तेल चढ़ाते समय क्या बोलना चाहिए-

शनि देव को तेल अर्पित करने की क्या है विधि?

  • सबसे पहले इस दिन प्रातःकाल उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • शनिवार के दिन काले या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनना अधिक शुभ माना जाता है ।
  • पूजा करते समय मन को शांत और पवित्र रखें।
  • शनि देव को तेल चढ़ाने का सबसे शुभ समय सूर्यास्त के बाद का माना गया है।
  • शाम के समय लगभग 8 बजे तक तेल अर्पण करना विशेष फलदायी होता है।
  • तेल चढ़ाने के लिए लोहे के पात्र का प्रयोग करना चाहिए।
  • चाहें तो तेल में एक छोटा सिक्का भी डाला जा सकता है।
  • तेल के अंदर अपने चेहरे का प्रतिबिंब देखें. ऐसा करना आत्म-शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।
  • तेल अर्पित करते समय ध्यान रखें कि दृष्टि केवल शनि देव के चरणों पर ही रहे।
  • यदि मंदिर न जा सकें तो पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर तेल रख सकते हैं या किसी जरूरतमंद को दान भी कर सकते हैं।

मान्यता है कि इन मंत्रों का जाप करने से शनि के दोष शांत होते हैं और मानसिक शांति मिलती है। मंत्रों का जाप करते समय मन को पूर्ण रूप से एकाग्र रखें और शनि देव से अपने जीवन की बाधाएं दूर करने की प्रार्थना करें।

Please Share With Your Friends Also

By Chhattisgarh Kranti

हमारी कोशिश इस वेबसाइट के माध्यम से आप तक राजनीति, खेल, मनोरंजन, जॉब, व्यापार देश विदेश इत्यादि की ताजा और नियमित खबरें आप तक पहुंच सकें। नियमित खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ। जय जोहार ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!