भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक सदन में पेश कर दिया। मंत्री गौतम टेटवाल ने विधेयक को विधानसभा पटल पर रखा। इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई थी। अब इस पर सदन में विस्तृत चर्चा दूसरे दिन होगी, जिसके बाद आगे की विधायी प्रक्रिया तय की जाएगी।

दिवंगत हस्तियों को दी गई श्रद्धांजलि

सत्र की शुरुआत दिवंगत नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अश्विन जोशी, पहाड़ सिंह कन्नौजे, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी, प्रख्यात शायर डॉ. बशीर बद्र और लोककला की प्रतिष्ठित कलाकार तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी की गई।

विपक्ष ने अन्य हादसों के पीड़ितों का भी उठाया मुद्दा

श्रद्धांजलि प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बरगी हादसे, पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना और कथित तौर पर परीक्षा संबंधी घटनाओं से जुड़े मृतकों को भी श्रद्धांजलि देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति भी सदन को संवेदना व्यक्त करनी चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आपत्ति जताते हुए कहा कि श्रद्धांजलि के अवसर पर इस तरह के राजनीतिक मुद्दे उठाना उचित नहीं है।

UCC के विरोध में काले वस्त्र पहनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक

यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोध में कांग्रेस विधायक आतिफ अकील काले वस्त्र पहनकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने हाथों में विरोध संबंधी पोस्टर लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और मांग की कि जिस प्रकार कुछ समुदायों को प्रस्तावित कानून से छूट देने की बात है, उसी तरह मुस्लिम समुदाय को भी इससे बाहर रखा जाए। साथ ही उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी दोहराई।

सत्तापक्ष ने UCC को बताया समान अधिकारों की दिशा में कदम

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक कारणों से इस विधेयक का विरोध कर रही है। वहीं वरिष्ठ भाजपा विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रस्तावित कानून में विवाह और पारिवारिक व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों को सुव्यवस्थित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय और पारंपरिक समुदायों की सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए अलग व्यवस्था की गई है।

सदन में होगी विस्तृत चर्चा

सरकार द्वारा पेश किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक पर मंगलवार को विधानसभा में विस्तृत चर्चा होगी।सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों इस मुद्दे पर अपने-अपने तर्क रखेंगे। चर्चा के दौरान विधेयक के विभिन्न प्रावधानों, सामाजिक प्रभाव और कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श होने की संभावना है।

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By Chhattisgarh Kranti

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