बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए एक महिला प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कर्मचारियों से दुर्व्यवहार, मनमानी तरीके से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति और हटाने तथा दिव्यांग शिक्षक के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोप सिद्ध होने के बाद की गई है।

जानकारी के अनुसार, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मातादेवालय भाटापारा में पदस्थ प्रधान पाठक जेसमीन राजसिंह के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग द्वारा जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, जांच में यह पाया गया कि प्रधान पाठक द्वारा सफाई कर्मचारियों को मनमाने तरीके से रखा और हटाया जा रहा था। इसके अलावा विद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के साथ शालीनतापूर्वक व्यवहार नहीं किया जा रहा था। कई मामलों में कर्मचारियों के खिलाफ झूठी शिकायतें करने के आरोप भी सामने आए हैं।

सबसे गंभीर आरोप विद्यालय में कार्यरत दिव्यांग सहायक शिक्षक ताकेश्वर सिंह वर्मा के साथ अमानवीय व्यवहार का है। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि नेत्र दिव्यांग होने के बावजूद उनके साथ संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया, जो सेवा नियमों के विपरीत है।

जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए कार्रवाई की है। विभाग का कहना है कि प्रधान पाठक का यह व्यवहार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत पाया गया है, जो किसी भी सरकारी कर्मचारी से अपेक्षित शिष्टाचार और अनुशासन के मानकों का उल्लंघन करता है।

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By Chhattisgarh Kranti

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