रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गिग वर्कर्स का मुद्दा उठा.गिग वर्कर्स की स्थिति उनके अधिकार और राज्य स्तर पर नियम की आवश्यकता को लेकर जमकर बहस हुई. बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार से इस बारे में जवाब मांगा. अजय चंद्राकर ने कहा कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसी कंपनियों में काम कर रहे गिग वर्करों को संगठित मजदूरों की श्रेणी में रखा जाएगा या असंगठित में. चंद्राकर पहले भी उठा चुके हैं सदन में सवाल इस दौरान अजय चंद्राकर ने कहा कि उन्होंने पहले भी आउटसोर्सिंग कंपनियों को लेकर सवाल उठाए थे. उस दौरान सरकार ने कहा था कि इस संबंध में कोई स्पष्ट कानून नहीं है. चंद्राकर का आरोप है कि आज भी स्थिति ठीक पहले की ही तरह है.आखिर क्यों इस बारे में सरकार विचार नहीं कर रही है. गिग वर्कर मर रहे हैं और कंपनियां ऐश कर रही हैं. तेज डिलीवरी के दबाव में कई बार गिग वर्करों की जान जा रही है. मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मुद्दे पर लगातार चिंता जताई है.साल 2020 में सामाजिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बावजूद अब तक स्पष्ट नियम नहीं बनाए गए हैं. जब तक नियम नहीं बनेंगे, छत्तीसगढ़ के युवा शोषण का शिकार होते रहेंगे.साल 2025 में भारत सरकार को नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा क्योंकि नियम नहीं बने थे, जबकि देश के कई राज्यों ने अपने स्तर पर नियम बना लिए हैं- अजय चंद्राकर,बीजेपी विधायक मंत्री ने चंद्राकर के सवाल का दिया जवाब अजय चंद्राकर ने सरकार से पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ समवर्ती सूची के अधिकार का उपयोग करते हुए अपना अलग अधिनियम या नियम बनाने पर विचार करेगा. अजय चंद्राकर के सवाल पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने सदन में जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल गिग वर्करों को न तो संगठित क्षेत्र में रखा गया है और न ही असंगठित क्षेत्र में. सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्करों को शामिल किया गया है.जैसे ही भारत सरकार इस संबंध में नियम अधिसूचित करेगी, राज्य सरकार उसका अनुसरण करेगी- लखनलाल देवांगन, उद्योग मंत्री इस दौरान लखनलाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार ने इस विषय पर एक समिति गठित की थी और उसकी प्रक्रिया जारी थी. इसी दौरान भारत सरकार ने चार श्रम संहिताएं लागू की है.इसके बाद राज्य की कार्यवाही केंद्र के अधिनियम के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है. राज्य में नियम भारत सरकार के अधिनियम के अधीन ही बनाए जाएंगे. Post Views: 13 Please Share With Your Friends Also Post navigation आउटसोर्सिंग कंपनियों के कर्मचारियों के शोषण का मुद्दा विधानसभा में उठा, मंत्री बोले, नियमों की प्रक्रिया चल रही है…. CG ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप..