बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया है। जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करने वाले अनुसूचित जनजाति के लोगों को हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के प्रावधानों से पूरी तरह बाहर नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में परिस्थितियों और सामाजिक आचरण को ध्यान में रखते हुए अधिनियम के प्रावधान लागू हो सकते हैं। दरअसल यह मामला बस्तर जिले के एक दंपती से जुड़ा है। अपीलकर्ता पति अनुसूचित जनजाति से है, जबकि उसकी पत्नी अनुसूचित जाति से संबंधित है। दोनों की शादी 15 अप्रैल 2009 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी। शादी के दो साल बाद 28 दिसंबर 2011 को उनके यहां एक बेटे का जन्म हुआ, जो फिलहाल अपनी मां के साथ रह रहा है। वैवाहिक जीवन में मतभेद बढ़ने के बाद दोनों 6 अप्रैल 2014 से अलग-अलग रह रहे हैं। लंबे समय तक अलग रहने के बाद पति-पत्नी ने आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-बी के तहत जगदलपुर स्थित पारिवारिक न्यायालय में तलाक की याचिका दायर की। हालांकि, परिवार न्यायालय ने 12 अगस्त 2022 को इस याचिका को खारिज कर दिया था। फैमिली कोर्ट ने अपने आदेश में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 2 का हवाला देते हुए कहा था कि यह अधिनियम अनुसूचित जनजातियों पर तब तक लागू नहीं होता, जब तक कि केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी न की जाए। इसी आधार पर अदालत ने दंपती की आपसी सहमति से तलाक की याचिका को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था। फैमिली कोर्ट के इस फैसले को दंपती ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने फैमिली कोर्ट के आदेश को सही नहीं माना और उसे निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि संबंधित पक्ष हिंदू रीति-रिवाजों और सामाजिक परंपराओं के अनुसार विवाह करते हैं और उसी के अनुसार जीवन व्यतीत करते हैं, तो उन्हें हिंदू विवाह अधिनियम के प्रावधानों से पूरी तरह बाहर नहीं किया जा सकता। Post Views: 35 Please Share With Your Friends Also Post navigation लैंड जिहाद के मामले में राजकटेल पहुंचे भाजपा जिला अध्यक्ष, पंडो समुदाय को हर संभव सहयोग का आश्वासन राजधानी में युवती का अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 5 लाख की डिमांड, आरोपी ने मां को धमकाया….बोला पति की हत्या कर बेटी को उठवा लूंगा !