​सनातन धर्म में गणेश उत्सव का त्योहार अत्यंत पवित्र और मंगलकारी माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी का महापर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से प्रारंभ होता है। इस वर्ष गणेश उत्सव 14 सितंबर 2026 से शुरू हो रहा है।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से 2026 का गणेश उत्सव बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान कई शुभ ग्रह योग और नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

ग्रहों की इस विशेष स्थिति के कारण प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की विशेष कृपा कुछ खास राशियों पर बरसने जा रही है। इन जातकों के जीवन से न केवल सभी विघ्न दूर होंगे, बल्कि धन, यश और समृद्धि के नए द्वार भी खुलेंगे।

​इन राशियों का चमकेगा भाग्य

​वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ रहेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराना रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। अगर आप किसी नए व्यवसाय या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो बप्पा के आशीर्वाद से उसमें सफलता मिलेगी।

​कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि के स्वामी बुध देव हैं, जो भगवान गणेश के प्रिय ग्रह माने जाते हैं। इस दौरान आपके कार्यक्षेत्र में रुकी हुई योजनाएँ गति पकड़ेंगी। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में मनचाहा लाभ होगा।

​तुला राशि (Libra)
तुला राशि वालों के लिए यह समय भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि लेकर आएगा। साझेदारी के कामों में जबरदस्त मुनाफा होगा। घर-परिवार में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है और पुराने पारिवारिक तनाव समाप्त होंगे।

​धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि के जातकों को करियर और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। जो लोग विदेश जाकर पढ़ाई या नौकरी करना चाहते हैं, उनके मार्ग की बाधाएँ दूर होंगी। संपत्ति या वाहन खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं।

​मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के जातकों के लिए गणेश उत्सव का समय राहत लेकर आएगा। लंबे समय से चला आ रहा मानसिक तनाव दूर होगा। व्यापार विस्तार की योजनाएँ सफल होंगी और आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत होगी।

​गणेश उत्सव में करें ये अचूक उपाय

​यदि आप भी विघ्नहर्ता की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो इन 10 दिनों के दौरान निम्नलिखित शास्त्रीय नियमों का पालन करें:

​दूर्वा अर्पण: भगवान गणेश को प्रतिदिन 21 दूर्वा (दूब घास) की गांठें “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करते हुए अर्पित करें।

​मोदक का भोग: बप्पा को मोदक और मोतीचूर के लड्डू अति प्रिय हैं। दैनिक पूजा में इन्हें शामिल करें।

​अथर्वशीर्ष का पाठ: गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन ‘श्री गणपति अथर्वशीर्ष’ का पाठ करने से बौद्धिक क्षमता और धन-धान्य में वृद्धि होती है।

​सिंदूर तिलक: पूजा के समय भगवान गणेश को सिंदूर चढ़ाएं और स्वयं भी अपने माथे पर तिलक लगाएं। इससे आत्मविश्वास और कार्यों में सफलता मिलती है।

निष्कर्ष

​भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता और बुद्धि-समृद्धि के दाता हैं। गणेश उत्सव का यह पावन समय सच्चे मन से की गई साधना और भक्ति का फल शीघ्र प्रदान करता है। अपनी राशि के अनुसार श्रद्धापूर्वक पूजन करें और बप्पा के आशीर्वाद से अपने जीवन को सुखमय बनाएं।

​नोट: यह लेख सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार ग्रहों का प्रभाव भिन्न हो सकता है।

भागवताचार्य पं गिरीश पाण्डेय
(एस्ट्रोसेज पैनल मेंबर)
शिवाय एस्ट्रोलॉजी पाइंट
अमरैया पारा पिथौरा
महासमुंद छत्तीसगढ़
☎️ 7000217167
(कुंडली विश्लेषण के लिए संपर्क करें)

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By Chhattisgarh Kranti

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