बिलासपुर। बिलासपुर के तोरवा मुक्तिधाम में पालतू कुत्तों का अंतिम संस्कार कराए जाने का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों के विरोध और थाने में शिकायत की मांग के बाद नगर निगम ने मामले में कार्रवाई करते हुए टास्क कर्मचारी रेखा सिंह को मुक्तिधाम की जिम्मेदारी से हटा दिया है। नगर निगम ने अब स्पष्ट किया है कि तोरवा मुक्तिधाम में सिर्फ इंसानों का ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। पालतू पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए अलग व्यवस्था विकसित करने की तैयारी की जा रही है। कुत्तों के अंतिम संस्कार से शुरू हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक, तोरवा मुक्तिधाम में कुछ पालतू कुत्तों का अंतिम संस्कार कराए जाने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों का कहना था कि मुक्तिधाम मानव शवों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित है और यहां पालतू पशुओं का अंतिम संस्कार नहीं होना चाहिए। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। कुछ लोग तोरवा थाने भी पहुंचे और मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। नगर निगम ने कर्मचारी को हटाया विवाद बढ़ने के बाद नगर निगम ने मामले को गंभीरता से लिया। टास्क कर्मचारी रेखा सिंह को मुक्तिधाम की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। नगर निगम की कार्रवाई के बाद अब मुक्तिधाम में पशुओं के अंतिम संस्कार पर रोक लगा दी गई है। महापौर पूजा विधानी ने भी मामले की जानकारी ली। उन्होंने जोन कमिश्नर से पूरे घटनाक्रम के संबंध में जानकारी ली और व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। पालतू पशुओं के लिए अलग व्यवस्था बनाने की तैयारी नगर निगम अब पालतू पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए अलग स्थान या व्यवस्था बनाने की तैयारी कर रहा है। इससे भविष्य में इस तरह के विवाद की स्थिति को रोका जा सकेगा और पालतू पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए लोगों को अलग सुविधा मिल सकेगी। तोरवा मुक्तिधाम को संवारने का भी फैसला विवाद के बीच नगर निगम ने तोरवा मुक्तिधाम के रखरखाव और व्यवस्था में सुधार का भी फैसला लिया है। मुक्तिधाम को व्यवस्थित और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्य किए जाने की तैयारी है। नगर निगम की कार्रवाई के बाद फिलहाल यह स्पष्ट कर दिया गया है कि तोरवा मुक्तिधाम का उपयोग केवल मानवों के अंतिम संस्कार के लिए ही किया जाएगा। वहीं, पालतू पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए अलग व्यवस्था तैयार करने की दिशा में निगम काम करेगा। Post Views: 7 Please Share With Your Friends Also Post navigation सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, एचपीवी टीकाकरण अभियान को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन