रायपुर। विधानसभा में आज उमेश पटेल ने रायगढ़ जिले में फ्लाई ऐश और कोल डस्ट की अवैध डंपिंग को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस विधायक का आरोप था कि उद्योगों द्वारा बिना अनुमति फ्लाई ऐश डंप किया जा रहा है और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि रायगढ़ जिले में 24 ताप विद्युत संयंत्रों द्वारा राख का उपयोग भू-भराव/खदान भराव में किया जा रहा है। इनमें से 6 संयंत्रों में अस्थायी रूप से राख का भंडारण भी किया जाता है। वर्ष 2023-24, 2024-25 और 4 फरवरी तक अवैध डंपिंग के 49 मामले सामने आए हैं, जिन पर कार्यवाही की गई। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 26 जून 2024 को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की, जो 1 अगस्त 2024 से लागू हुई। उद्योगों के ठोस अपशिष्ट परिवहन की निगरानी के लिए औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (IWMMMS) 1 मई 2025 से प्रभावी है। उमेश पटेल ने इस जवाब पर सवाल उठाया कि SOP 1 अगस्त 2024 से प्रभावी होने के बावजूद कार्यवाही में आठ महीने की देरी क्यों हुई और शिकायतों का निपटारा देर से क्यों हो रहा है। उन्होंने कहा कि अभी भी फ्लाई ऐश वहीं पड़ा है और अधिकारियों द्वारा गलत जानकारी दी जा रही है। चौधरी ने पिछली सरकार की तुलना में वर्तमान सरकार की कार्यवाही ज्यादा होने का दावा किया। विरोध के चलते कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। Post Views: 24 Please Share With Your Friends Also Post navigation शिक्षक भर्ती का इंतजार खत्म! व्यापमं ने जारी की संभावित परीक्षा तिथियां सावधान! अगर आप भी करने वाले हैं रजिस्ट्री, तो पहले पढ़ लें ये खबर, 2 मार्च से लागू हो रहा है नया नियम