रायपुर : CG Electricity Rate Hike छत्तीसगढ़ में बिजली कंपनियों ने सभी उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरु कर दिया है। इसके लिए बिजली कंपनियों ने नियामक आयोग से 367 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की मांग भी की है। ऐसे में ये आशंका जताई जा रही है कि छत्तीसगढ़ में बिजली 7 से 8 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो सकती है। दरअसल इन दिनों छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में लगे स्मार्ट मीटरों से रिप्लेस किया जा रहा है। अभी तक छत्तीसगढ़ के लगभग 12 से 13 लाख उपभोक्ताओं के यहां नए प्रीपेड मीटर लग गए है और जुलाई 2026 तक बिजली कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं के यहां लगाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन इन मीटरों को लगाए जाने के साथ ही कई शंकाएं और सवाल खड़े हो गए है। दरअसल, बिजली कंपनी ने नियामक आयोग के पास नए टैरिफ के लिए पिटिशन फाईल की है, जिसमें इन प्रीपेड मीटर के लिए 367 करोड़ रुपए अतिरिक्त मांगे है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है मीटर का किराया लगभग 80 रुपए आएगा। उसकी पूर्ति के लिए अतिरिक्त राशि मांगी गई है। बिजली नियामक आयोग बिजली कंपनी के मांग अनुसार बिजली की टैरिफ तय करता है। ऐसे में नए प्रीपेड मीटर पर खर्च होने वाली राशि टैरिफ से ही वसूली जाएगी। इससे टैरिफ पर लगभग 5 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का अनुमान है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी पर लगाम लगेगी… साथ ही बिजली कंपनी के पास एडवांस में पैसे भी होंगे और लोन नहीं लेना पड़ेगा, जिससे ब्याज की राशि बचेगी। इन सब के बाद भी बिजली कंपनी ने प्रीपेड मीटर के लिए 367 करोड़ रुपए का खर्च बताया है। जो की प्रीपेड मीटर के नाम पर एक बड़े स्कैम की ओर इशारा कर रहा है, जिसका खामियाजा शायद आम जनता को ही भुगतना पड़ेगा। Post Views: 220 Please Share With Your Friends Also Post navigation छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षा में अब देना होगा आवेदन शुल्क, कैबिनेट का बड़ा फैसला, जानिये पैसा वापस पाने के लिए अभ्यर्थियों क्या करना होगा छत्तीसगढ़ में किस जिले के SP के पास है सबसे ज्यादा संपत्ति? दुर्ग SSP सबसे अमीर, तो इनके पास है सबसे कम पैसा….