महिला आयोग की सुनवाई में CMO ने कान पकड़कर मांगी माफी, आयोग ने अफसर और शिक्षक के निलंबन के लिए कलेक्टर को लिखा पत्र

रायपुर : राजधानी रायपुर में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई संपन्न हुई। इस जनसुनवाई में पारिवारिक विवाद का एक ऐसा भी मामला सामने आया, जिसमें नगर पंचायत के सीईओं ने पहली पत्नी से तलाक लिये बगैर ही दूसरी शादी रचा ली थी। सुनवाई के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी {CMO} ने कान पकड़कर सबके सामने अपनी गलती मांगते हुए माफी मांगी। आयोग ने पीड़ित महिला के पक्ष को सुनने के बाद नियमों की अनदेखी कर तलाक लिये बगैर दूसरी शादी करने वाले सीईओं के विरूद्ध कार्रवाई के लिए अनुशंसा की गयी। इसी तरह एक शिक्षक के मामले में भी आयोग ने कलेक्टर को पत्र लिखकर 15 दिनों के भीतर निलंबन की कार्रवाई के लिए अनुशंसा किया गया।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर शुक्रवार को 317वीं और रायपुर जिले में 155वीं जनसुनवाई संपन्न हुई। सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में महिला ने बताया कि उसके पति ने बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली है। जिससे कि उस महिला को दो बच्चे हैं। आरोप लगाया गया कि नगर पंचायत के सीईओं की पहली पत्नी से तीन बच्चे हैं। जिनकी उम्र 41 वर्ष, 40 वर्ष और 38 वर्ष हैं। तीनों बच्चों ने सुनवाई के दौरान बताया कि उनके पिता 15 सालों से उनसे अलग रह रहे हैं और उनकी मां को कोई भरण-पोषण नहीं देते हैं। आयोग की अध्यक्ष के समक्ष सुनवाई के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी से जब सवाल किया गया। तब उन्होने अपनी गलती मानी और सभी के सामने कान पकड़कर माफी मांगी।

आयोग की सुनवाई के दौरान प्रार्थी महिला ने बताया कि उनके पति ने जिस दूसरी महिला से शादी की है। वह उनके बच्चों की उम्र की है। उनके पति शासकीय अधिकारी हैं और नियमों को जानते हुए भी उन्होंने बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली। ऐसी स्थिति में महिला आयोग ने संबंधित मुख्य नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ शासकीय सेवा से निलंबन की अनुशंसा की है। साथ ही आयोग ने उसके सर्विस रिकॉर्ड के संपूर्ण दस्तावेजों की जांच करने की बात कही है। प्रकरण के अंतिम निर्णय तक आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि अनावेदक के रिटायरमेंट होने के बाद मिलने वाली समस्त प्रक्रियाओं और लाभों पर अस्थायी रूप से रोक लगाई जाए। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही के लिए आयोग द्वारा जांजगीर कलेक्टर को पत्र भेजने की जानकारी दी है।

शिक्षक ने भी बिना तलाक लिये कर ली दूसरी शादी

इसी तरह एक अन्य प्रकरण में महिला ने बताया कि उसके पति सरकारी स्कूल में सहायक शिक्षक एलबी के पद पर पदस्थ है। जिसने बिना तलाक लिए दूसरी महिला से चूड़ी प्रथा से विवाह कर ली है। जिससे उसकी एक 7 वर्षीय बेटी भी है। आवेदिका ने आरोप लगाया कि शासकीय सेवा में होने के बावजूद उसके पति ने नियमों की जानकारी होने के बाद भी सिविल सर्विस नियमों का उल्लंघन करते हुए साल 2017 में दूसरी शादी कर ली। पीड़ित महिला की शिकायत को आयोग ने गंभीर मानते हुए जांजगीर कलेक्टर को उक्त शिक्षक पर निलंबन की कार्रवाई के लिए पत्र लिखने का निर्णय लिया गया। पत्र में महिला आयोग ने 15 दिनों के भीतर महिला के ​पति को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की अनुशंसा की जाने की जानकारी दी है।

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By Chhattisgarh Kranti

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