रायपुर। विधानसभा में आज धर्मान्तरण का मामला उठा, सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विदेशी फंड प्राप्त कर NGO द्वारा इसका उपयोग धर्मांतरण में करने की जानकारी सदन को दी। ऐसे कुछ NGO को राज्य सरकार से भी अनुदान देने का आरोप लगाते हुए इस पर रोक लगाने की मांग सरकार से की। सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सदन को आश्वस्त कराया कि जल्द ही इस पर नया क़ानून बनाया जाएगा और प्रदेश में धर्मान्तरण पर पूर्ण रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा।

ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से आज भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने कहा कि इसी साल प्रदेश के सीएम ने ये बात स्वीकार किया था कि प्रदेश में होने वाले धर्मान्तरण में विदेशी फंडिंग का प्रयोग हो रहा है जिसमें कई NGO शामिल हैं। इसके अलावा राजधानी समेत प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में खुलेआम यह खेल चल रहा है। इसमें NGO के अलावा कुछ मिशनरीज संस्थाएं भी शामिल हैं जिन्हें सरकर से अनुदान भी दिया जा रहा है। भाजपा सदस्य सुशांत शुक्ला और नीलकंठ टेकाम ने भी अपने विधानसभा में कार्यरत कुछ NGO के नाम बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

गृह मंत्री विजय शर्मा बताया कि 153 ऐसी संस्थाएं प्रदेश में कार्यरत हैं जिन्हें विदेशी फंडिंग मिल रही है। ये सभी केंद्र सरकार के FCRA से रजिस्टर्ड हैं। प्रदेश में संचालित स्कूलों को लगभग 300 करोड़ का अनुदान दिया जाता है। प्रदेश में जल्द ही धर्म स्वातंत्र्य विधेयक आने वाला है जिसमें धर्मान्तरण कराने वालों के खिलाफ कड़े प्रावधान रखे गए हैं। इस कानून को लागू करने के बाद छत्तीसगढ़ जल्द ही धर्मान्तरण मुक्त राज्य बन जाएगा।

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By Chhattisgarh Kranti

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