नई दिल्ली। को देश भर में सृजन, शिल्प और निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है. सुबह से ही देश के तमाम छोटे-बड़े कल-कारखानों, वर्कशॉप, दुकानों और औद्योगिक क्षेत्रों में “भगवान विश्वकर्मा की जय” के नारे गूंज रहे हैं. इस विशेष दिन पर देश के आर्थिक विकास की रीढ़ माने जाने वाले इंजीनियर, शिल्पकार, मैकेनिक और श्रमिक अपने औजारों और मशीनों की विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं. मशीनों की पूजा और गूंजते जयकारे: ऐसा है देश भर का हाल औद्योगिक क्षेत्रों में रौनक: दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, गुजरात, बिहार और झारखंड के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में कारखानों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है. इस दिन फैक्ट्रियों में काम को रोककर विशेष हवन और आरती का आयोजन किया जाता है. अस्त्र-शस्त्र और औजारों की वंदना: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है. इसी वजह से आज के दिन सभी कर्मयोगी कंप्यूटर, वाहनों, क्रेन और छोटे से लेकर बड़े औजारों पर हल्दी-चावल का तिलक लगाकर उनके सुचारू रूप से चलने और कार्यक्षेत्र में बरकत की कामना कर रहे हैं. आत्मनिर्भर भारत का संकल्प: राजनेताओं से लेकर आम जनता तक, इस दिन को देश के निर्माण में पसीना बहाने वाले श्रमिकों के सम्मान के रूप में देख रही है. लोग एक-दूसरे को बधाई संदेश भेजकर विकसित और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प दोहरा रहे हैं. Post Views: 6 Please Share With Your Friends Also Post navigation मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल: स्वच्छता, मुफ्त इलाज से लेकर डिजिटल क्रांति तक… यूं बदली देश के आम लोगों की जिंदगी