रायपुर। पश्चिम बंगाल पर सक्रिय गहरे अवदाब (Deep Depression) ने छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 24 घंटों में हुई भीषण मानसूनी बारिश से कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, अब रायपुर में बारिश की रफ्तार थोड़ी थमेगी, लेकिन अगले 24 घंटों में दुर्ग संभाग और बिलासपुर संभाग के पश्चिमी जिलों में झमाझम बारिश के साथ भारी अलर्ट घोषित किया गया है। बचेली में 20 और रायपुर में 15 सेमी बारिश, रायपुर में टूटा जुलाई का रिकॉर्डप्रदेश भर में बीते 24 घंटे की बारिश ने जनजीवन की रफ्तार रोक दी। सबसे ज्यादा तबाही दंतेवाड़ा के बचेली में 20 सेंटीमीटर बारिश के साथ दर्ज हुई, जबकि रायपुर में 15 सेंटीमीटर से अधिक पानी बरसा। बस्तर से लेकर रायपुर, मध्य छत्तीसगढ़, बिलासपुर और सरगुजा संभाग तक मूसलाधार बारिश के चलते कई संपर्क मार्ग कट गए हैं। इस मूसलाधार बारिश ने राजधानी रायपुर में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। जिले में जुलाई महीने के दौरान अब तक 59 सेंटीमीटर (590 मिमी) बारिश दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य से 27% अधिक है। इसके विपरीत, अगर पूरे छत्तीसगढ़ की बात करें तो प्रदेश में अब तक कुल 59 सेंटीमीटर बारिश हुई है, जो इस अवधि के सामान्य आंकड़े से 12% कम है। मौसम विभाग की चेतावनी: पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा सिस्टममौसम विशेषज्ञों ने बताया कि मध्य छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आंतरिक इलाकों के ऊपर बना गहरा अवदाब अब धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। “गहरा अवदाब अब पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर शिफ्ट हो रहा है। इसके असर से रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता कम होगी। हालांकि, 30 जुलाई को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों, खास तौर पर दुर्ग संभाग और बिलासपुर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।”— मौसम केंद्र, रायपुर (मौसम विभाग विज्ञप्ति) नागरिकों पर असर: रायपुर शहर के लिए पूर्वानुमानमौसम प्रणाली के बदलाव से रायपुर शहरवासियों को जलभराव की समस्याओं से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। गुरुवार, 30 जुलाई को रायपुर में दिनभर बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है। दुर्ग और बिलासपुर संभाग के निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि नदियों में जलस्तर बढ़ने से तटीय बस्तियों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है। Post Views: 13 Please Share With Your Friends Also Post navigation बीज कारोबार में बड़ी गड़बड़ी: कृषि विभाग ने रद्द किया लाइसेंस…