“कलयुग में राहु अगर मेहरबान हो जाए, तो रंक भी राजा बन जाता है!”लेकिन सवाल यह है कि इस मायावी और रहस्यमयी ग्रह को अपने पक्ष में कैसे किया जाए? उत्तर है—सावन और महाकाल की भक्ति!ज्योतिषशास्त्र में नवग्रहों का अपना अलग महत्व है, लेकिन जब बात कलयुग (Modern Era) की आती है, तो छाया ग्रह राहु सबसे अधिक शक्तिशाली और प्रभावशाली बन जाता है। और जब यही राहु अपना नक्षत्र बदल रहा हो, तो जीवन में बड़े भूचाल या बड़े बदलाव तय हैं! 1 अगस्त को कलयुग के राजा राहु का बड़ा नक्षत्र परिवर्तन होने जा रहा है। सावन के पवित्र महीने में राहु का यह गोचर अत्यंत दुर्लभ और प्रभावकारी संयोग बना रहा है। इस समय यदि राहु को अनुकूल न किया गया, तो यह अचानक परेशानियां दे सकता है; लेकिन यदि इस पर महाकाल की कृपा मिल जाए, तो यही राहु आपकी बंद किस्मत के ताले खोल सकता है! आइए जानते हैं कि इस 1 अगस्त के नक्षत्र परिवर्तन और सावन के पावन अवसर पर महादेव के किन विशेष उपायों से आप राहु के हर दुर्योग को ‘राजयोग’ में बदल सकते हैं… राहु: या तो बनाएगा सम्राट, या कर देगा बर्बाद! राहु की चाल का कोई अंदाजा नहीं लगा सकता। यदि आपकी कुंडली में राहु शुभ है: आपको रातों-रात शोहरत और अपार धन मिलेगा। आपकी कूटनीति और निर्णय लेने की क्षमता अद्भुत होगी।लेकिन यदि राहु अशुभ या दूषित है: मानसिक तनाव, डिप्रेशन और अनिद्रा (Sleep Issues)। अचानक बड़ा आर्थिक नुकसान और गुप्त शत्रुओं का भय। सही समय पर गलत निर्णय लेना (Confusion) यदि आप भी राहु की महादशा, अंतर्दशा या कालसर्प दोष से परेशान हैं, तो घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। सावन का पवित्र महीना राहु के हर डंक को अमृत में बदलने का महाअवसर है! महादेव और राहु का रहस्यमयी संबंध पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान शिव ने राहु की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर उसे नवग्रहों में स्थान दिया, तभी से राहु पर केवल और केवल ‘महाकाल’ का नियंत्रण है। ज्योतिषीय सूत्र: राहु अंधकार और छाया है, जबकि महादेव परम प्रकाश और महाज्ञान। जब कोई भक्त सावन में शिव की शरण में आता है, तो राहु अपनी क्रूरता छोड़कर शुभ फल देने के लिए बाध्य हो जाता है। सावन में राहु को प्रसन्न करने के 5 महा-उपाय अगर आप इस सावन राहु को अपना मित्र बनाकर जीवन में ‘रातों-रात’ सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं, तो ये 5 अचूक उपाय जरूर आजमाएं: जल में ‘काले तिल’ मिलाकर महा-अभिषेकप्रतिदिन (विशेषकर सावन सोमवार को) तांबे या चांदी के पात्र में जल लें, उसमें थोड़े से काले तिल और गंगाजल मिलाएं। शिवलिंग पर पतली धार से अर्पित करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।मिलेगा यह लाभ: राहु जनित मानसिक अशांति, एंग्जायटी और डर तुरंत समाप्त होगा। शमी पत्र और ‘अमृत बेलपत्र’ का अर्पणसावन में महादेव को शमी के पत्ते जरूर चढ़ाएं। इसके अलावा बेलपत्र पर राम-नाम या चंदन से ‘ॐ’ लिखकर अर्पित करें।मिलेगा यह लाभ: शमी पत्र शनि और राहु दोनों के उग्र स्वभाव को शांत करता है। नौकरी व व्यापार में आ रही गुप्त बाधाएं दूर होंगी। महामृत्युंजय मंत्र का सुरक्षा कवचसावन में रोजाना कम से कम 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें, मंत्र है:ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ”।मिलेगा यह लाभ: राहु द्वारा निर्मित किसी भी प्रकार के एक्सीडेंटल योग, कोर्ट-कचहरी के विवाद और बीमारियों से पूर्ण रक्षा होती है। मस्तक पर ‘शिव-भस्म’ का त्रिपुंडसावन में शिवलिंग पर चढ़ी भस्म (विभूति) को अपने मस्तक पर त्रिपुंड के रूप में लगाएं।मिलेगा यह लाभ: राहु माइंड में जो ‘Confusions’ और नेगेटिव थॉट्स पैदा करता है, भस्म धारण करने से आपका Focus और Vision चील की तरह तेज हो जाएगा। कलयुग के राहु का ‘सीक्रेट दान’सावन के शनिवार या सोमवार को:सफाई कर्मचारियों या जरूरतमंदों को भोजन/चाय-नाश्ता कराएं।पक्षियों को सप्तधान्य (7 प्रकार का अनाज) डालें।नीले या काले रंग के कंबल/वस्त्र दान करें। सावधान! सावन में भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां नशे से पूरी तरह दूरी: शराब, सिगरेट या किसी भी दुर्व्यसन से बचें। ऐसा करने पर राहु का उग्र रूप तबाही ला सकता है। घर में गंदगी (विशेषकर Toilet): राहु का वास गंदगी में होता है। घर का ईशान कोण और शौचालय हमेशा चमका कर रखें। छल-कपट व धोखा: किसी का हक मारने या झूठ बोलने पर राहु तत्काल सजा देता है। निष्कर्ष (Final Takeaway) कलयुग में राहु से डरने की नहीं, बल्कि उसकी ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ने की जरूरत है। सावन का महीना महाकाल की भक्ति के जरिए राहु के दुर्योगों को राजयोग में बदलने का सबसे अचूक समय है।इस सावन सच्चे मन से बोलें— “हर हर महादेव!” और देखिए कैसे राहु आपके जीवन का कायाकल्प कर देता है। (अगर आपको यह लेख पसंद आया हो, तो इसे अपने मित्रों और परिजनों के साथ शेयर करना न भूलें!) आचार्य पं गिरीश पाण्डेयएस्ट्रोसेज पैनल मेंबरभागवत-व्यासअमरैया पारा पिथौरामहासमुंद (छत्तीसगढ़) 7000217167 Post Views: 5 Please Share With Your Friends Also Post navigation कुंडली में सूर्य की यह स्थिति: सरकारी नौकरी पक्की या सिर्फ संघर्ष?