रायपुर। नया रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तीन दिन बाद भी ग्रामीणों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। 80 मकानों पर बुलडोजर चलने से बेघर हुए कई परिवार बारिश और कीचड़ के बीच अपने टूटे हुए घरों के अवशेषों में रहने को मजबूर हैं। प्रभावित ग्रामीण गांव में ही धरने पर बैठे हैं और पुनर्वास व्यवस्था को लेकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। गुरुवार को प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों की स्थिति का जायजा लिया और पूरे मामले की जानकारी ली। इधर, भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में घर तोड़ने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने कहा, “मैं आज भी नकटी गांव के ग्रामीणों के साथ खड़ा हूं।” उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के मकान आवंटित किए गए हैं। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि इन मकानों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उनका कहना है कि घर इतने छोटे हैं कि पूरे परिवार का रहना संभव नहीं है। इसी मांग को लेकर ग्रामीण बुधवार रात तक रायपुर कलेक्ट्रेट के सामने भी धरने पर बैठे रहे। गौरतलब है कि बुलडोजर कार्रवाई से दो दिन पहले नकटी गांव के ग्रामीण सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिलने पहुंचे थे। उस दौरान सांसद ने उन्हें आश्वासन दिया था कि बरसात के मौसम में कोई तोड़फोड़ नहीं होगी और प्रशासन तथा ग्रामीणों के बीच समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन इसी बीच 29 जून को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए गांव के 80 मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद से गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रभावित परिवार पुनर्वास, मुआवजा और वैकल्पिक आवास की बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की गई है और सभी प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था की जा चुकी है। फिलहाल ग्रामीणों का धरना जारी है और पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। Post Views: 13 Please Share With Your Friends Also Post navigation फेरे से पहले दुल्हन परिजनों संग हुई गायब, जेवर और मोबाइल लेकर फरार होने का आरोप नकटी अतिक्रमण: संवेदना अपनी जगह, लेकिन कानून भी तो सबके लिए बराबर..