कांकेर। रावघाट लौह अयस्क परियोजना के लिए बनाई गई सड़क में बिना वैधानिक अनुमति सैकड़ों पेड़ों की कटाई और वन भूमि पर अवैध निर्माण का मामला अब गंभीर प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। प्रारंभिक जांच में वन विभाग ने पुष्टि की है कि बिना अनुमति करीब 1.34 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया और इस दौरान लगभग 540 पेड़ों की कटाई की गई। मामले में भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। वहीं विभागीय लापरवाही के आरोप में एसडीओ, रेंजर समेत सात अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें से पांच वनकर्मियों को तत्काल प्रभाव से क्षेत्र से हटा दिया गया है। मामला उस समय सामने आया जब मीडिया ने इस मामले की जमीनी पड़ताल कर सवाल उठाया कि वन विभाग की अनुमति के बिना सड़क निर्माण कैसे हुआ और बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई किसकी अनुमति से की गई। खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग हरकत में आया और पुराने दस्तावेजों की जांच के साथ मौके पर पांच सदस्यीय जांच दल गठित किया गया। पूर्व वनमंडल भानुप्रतापपुर की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि 1340 मीटर लंबी और लगभग 9.95 मीटर चौड़ी सड़क बिना किसी वैधानिक अनुमति के बनाई गई। सड़क निर्माण के लिए पहाड़ काटा गया और प्रथम दृष्टया करीब 540 पेड़ काटे जाने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है। BSP को नोटिस, कानूनी कार्रवाई की तैयारीपूर्व वनमंडलाधिकारी ऋषभ जैन ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए वन विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई। प्रथम दृष्टया भारतीय वन अधिनियम-1927 तथा वन (संरक्षण) अधिनियम-1980 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया है। इसलिए बीएसपी रावघाट प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने के बाद संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। SDO और रेंजर सहित सात पर गिरी गाजजांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने एसडीओ विजय चंद्रवंशी और रेंजर वीरेंद्र यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा पांच वनकर्मियों को संबंधित क्षेत्रों से हटाते हुए नोटिस जारी किया गया है। इनमें शामिल हैं— दीनदयाल नेताम (वनपाल, भैसगांव)आत्माराम पोटाई (वनपाल, फूलपाड़)अश्विनी कुमार नेताम (वनरक्षक, दक्षिण भैसगांव)सहादुर सिंह ठाकुर (वनरक्षक, फूलपाड़)योगेश कुमार ठाकुर (वनरक्षक, अंजरेल पूर्व) Post Views: 11 Please Share With Your Friends Also Post navigation ना बाइबिल से, न कुरान से, भारत चलेगा संविधान से… छत्तीसगढ़ में बिजली बिल पर देना होगा प्रति दिन के हिसाब से ब्याज! महंगी बिजली के बाद अब विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं को दिया एक और झटका