नई दिल्ली। देश के अधिकांश हिस्सों में अभी से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने लगा है, लेकिन असली अग्निपरीक्षा मई के अंतिम सप्ताह में शुरू होगी। पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 25 मई 2026 से ‘नौतपा’ का प्रारंभ हो रहा है। अगले 9 दिनों तक सूर्य की किरणें पृथ्वी पर लंबवत पड़ेंगी, जिससे उत्तर और मध्य भारत के कई शहरों में लू (Heatwave) का प्रकोप अपने चरम पर रहने की संभावना है।

रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश और नौतपा का गणित

खगोल विज्ञान और ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो मानसून से ठीक पहले भीषण गर्मी का चक्र शुरू होता है। सूर्य इस नक्षत्र में कुल 15 दिनों तक रहता है, लेकिन इसके शुरुआती 9 दिन सबसे प्रभावशाली माने जाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस दौरान पृथ्वी और सूर्य की दूरी और स्थिति ऐसी होती है कि वायुमंडल में नमी कम हो जाती है, जिससे शुष्क गर्मी बढ़ती है।

प्रशासनिक तैयारी और स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट

भीषण गर्मी की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय नगर निगमों ने तैयारी तेज कर दी है। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अस्पतालों में ‘हीट स्ट्रोक वार्ड’ को एक्टिव मोड पर रखा गया है।

आम नागरिकों पर प्रभाव: क्या करें और क्या न करें

नौतपा के दौरान बिजली की मांग में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे कई इलाकों में लोड शेडिंग की समस्या हो सकती है। आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे ओआरएस (ORS) के घोल, नींबू पानी और ठंडे पेय पदार्थों का उपयोग करें। यदि आपको चक्कर आना, तेज सिरदर्द या शरीर में ऐंठन महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान भी गर्मी के कारण दोपहर के समय बंद रह सकते हैं या उनके कार्य समय में बदलाव किया जा सकता है।

Please Share With Your Friends Also

By Chhattisgarh Kranti

हमारी कोशिश इस वेबसाइट के माध्यम से आप तक राजनीति, खेल, मनोरंजन, जॉब, व्यापार देश विदेश इत्यादि की ताजा और नियमित खबरें आप तक पहुंच सकें। नियमित खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ। जय जोहार ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!