सरगुजा। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। सरगुजा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कृषि विकास अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये की मांग की थी। 3 लाख की मांग, पहली किश्त लेते ही दबोचा मामले में बीज निरीक्षक और कृषि विकास अधिकारी सोहन लाल भगत ने पीड़ित से 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। शिकायत के बाद हुई कार्रवाई इस पूरे मामले की शिकायत सूरजपुर जिले के प्रतापपुर निवासी अजीत कुमार कश्यप ने एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर में दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे हैदराबाद की साईं भव्या सीड्स कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं और कंपनी के बीज बाजार में सप्लाई करते हैं। झूठे आरोप में फंसाने की दी धमकी शिकायत के अनुसार, बिक्री के बाद बचा हुआ बीज अंबिकापुर के दरिमा रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था। इसी दौरान आरोपी अधिकारी को इसकी जानकारी मिली और उसने अवैध बीज भंडारण का आरोप लगाकर कार्रवाई की धमकी दी। इसके बदले में उसने 3 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। योजना बनाकर पकड़ा गया आरोपी पीड़ित रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था और उसने आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाने का फैसला किया। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने योजना बनाकर 12 अप्रैल को कार्रवाई की और आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में संशोधित प्रावधान 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। Post Views: 29 Please Share With Your Friends Also Post navigation अंबिकापुर रेप-मर्डर केस में बड़ा खुलासा, बेवफाई के शक में आरोपी बना हैवान, 6 साल से संबंध लेकिन किसी और से…