जांजगीर-चांपा। भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो अलग-अलग स्थानों पर ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस डबल एक्शन में जहां CSEB (छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड) के तीन कर्मचारियों को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया, वहीं नवागढ़ नगर पंचायत के लेखापाल को 8 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। CSEB कार्यालय में 35 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए तीन कर्मचारी पहली कार्रवाई CSEB के ग्रामीण कार्यालय में की गई, जहां ACB टीम ने छापा मारकर जूनियर इंजीनियर (JE) राजेंद्र शुक्ला, असिस्टेंट इंजीनियर (AE) विजय नोरगे और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने ग्राम खोखसा में फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट लगाने के लिए ट्रांसफार्मर और मीटर स्थापना के एवज में 35 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।शिकायतकर्ता इस मांग से परेशान था और रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। उसने बिलासपुर स्थित ACB कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। केमिकल युक्त नोटों के साथ प्रार्थी को कार्यालय भेजा गया और जैसे ही रिश्वत की राशि सौंपी गई, बाहर तैनात टीम ने तुरंत दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। नवागढ़ नगर पंचायत में भी कार्रवाई ACB की दूसरी बड़ी कार्रवाई नवागढ़ नगर पंचायत में हुई। यहां लेखापाल प्रकाश जायसवाल को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, लेखापाल बिल भुगतान के चेक जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।शिकायत मिलने के बाद ACB ने इस मामले में भी ट्रैप प्लान तैयार किया और मौके पर ही आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ जारी है और संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। रिश्वत प्रकरण स्थानपदनामरिश्वत राशि (₹)कार्यCSEB ग्रामीण कार्यालयJEराजेंद्र शुक्ला35,000ट्रांसफार्मर/मीटर स्थापनाCSEB ग्रामीण कार्यालयAEविजय नोरगे35,000HT लाइन विस्तारCSEB ग्रामीण कार्यालयकंप्यूटर ऑपरेटर-देवेंद्र राठौर35,000प्रक्रिया सहयोगनवागढ़ नगर पंचायतलेखापालप्रकाश जायसवाल8,000बिल भुगतान चेक विभागों में मचा हड़कंप दोनों कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि ACB अब अन्य संदिग्ध मामलों की भी जांच कर सकती है। लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों ने सरकारी व्यवस्था की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।ACB की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि रिश्वतखोरी में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों को भी यह संदेश दिया गया है कि यदि उनसे किसी प्रकार की अवैध मांग की जाती है, तो वे बेझिझक शिकायत करें। Post Views: 26 Please Share With Your Friends Also Post navigation “मैनपाट के ‘कर्मा एथेनिक रिसोर्ट’ का मुद्दा सदन में उठा, 21 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट पर विधायक रामकुमार ने पर्यटन मंत्री को घेरा.. CG Vidhansabha : छत्तीसगढ़ विधेयक 2026 पारित , नकल और पेपर लीक पर रोक के लिए सख्त कानून लागू