CG: बड़ी खबर: इस दिन आयुष्मान योजना रहेगी बंद, नहीं मिलेगा उपचार रायपुर:- छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले हजारों गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए एक बुरी खबर है. सरकार की भुगतान नीति से नाराज निजी अस्पतालों ने 30 जनवरी को आयुष्मान योजना के तहत इलाज बंद रखने का ऐलान किया है. एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया छत्तीसगढ़ चैप्टर का कहना है कि पिछले कई महीनों से भुगतान नहीं होने के कारण अस्पतालों की हालत अब जवाब दे चुकी है. सरकार की उदासीनता, अस्पतालों का बड़ा फैसला रायपुर में एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया, हॉस्पिटल बोर्ड छत्तीसगढ़ ने घोषणा की है कि 30 जनवरी को प्रदेश के निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों का इलाज नहीं करेंगे. यह फैसला पिछले एक साल से बकाया भुगतान नहीं मिलने के कारण लिया गया है. इस निर्णय से सबसे ज्यादा असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ने वाला है. छोटे अस्पताल टूटने की कगार पर- डॉ राकेश गुप्ता छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने बताया कि जुलाई महीने से किसी भी अस्पताल को आयुष्मान योजना का भुगतान नहीं हुआ है.उन्होंने कहा कि छोटे और मझोले अस्पतालों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है और कई जगह मरीजों को लौटाया जा रहा है. काली पट्टी बांधकर काम, मरीजों को लौटाने का फैसला डॉ गुप्ता ने बताया कि विरोध स्वरूप 30 जनवरी को सभी अस्पताल संचालक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे और उस दिन आने वाले मरीजों को अगले दिनों के लिए टाल दिया जाएगा. मरीजों को साफ बताया जाएगा कि सरकार की भुगतान विफलता के कारण यह कदम उठाया गया है. “6 महीने से पैसा नहीं, कैसे चले अस्पताल? डॉ राकेश गुप्ता ने कहा कि पिछले 6 महीने से एक भी भुगतान नहीं हुआ है. स्टाफ की सैलरी, दवाइयों का खर्च, मशीनों का मेंटेनेंस, सब कुछ अस्पतालों के लिए असंभव होता जा रहा है. सरकार को महतारी वंदन जैसा मॉडल अपनाने की सलाह डॉ गुप्ता ने कहा कि जिस तरह सरकार महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने नियमित भुगतान करती है, उसी तरह अस्पतालों को भी एक जरूरतमंद इकाई मानकर हर महीने 180 से 200 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए. Post Views: 21 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG: रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना ससुर ने बहू का किया रेप, पिछले साल ही हुई थी शादी CG: जजों के सर्विस रूल में बड़ा बदलाव, पदोन्नति व आरक्षण व्यवस्था में हुआ संशोधन, जानिये क्या हुआ बदलाव