सिगरेट-पान मसाला के शौकीनों को बड़ा झटका, सरकार ने बढ़ाया टैक्स का डोज

सिगरेट-पान मसाला के शौकीनों को बड़ा झटका, सरकार ने बढ़ाया टैक्स का डोज

नई दिल्ली:- सरकार ने तंबाकू उत्पादों और पान मसाला पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर लगाने की घोषणा की है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू होंगे. वित्त मंत्रालय द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचनाओं के अनुसार, ये नए कर माल एवं सेवा कर (GST) के अतिरिक्त होंगे और वर्तमान में लगाए जा रहे क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेंगे.

GST की दरों में बढ़ोतरी

सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, 1 फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों पर 40 प्रतिशत GST लगाया जाएगा, जबकि बीड़ी पर 18 प्रतिशत GST लागू रहेगा. इसके अलावा, पान मसाला पर स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा.

तंबाकू उत्पादों के लिए नई मूल्यांकन प्रणाली

तंबाकू उत्पादों जैसे चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा के लिए एमआरपी-आधारित मूल्यांकन प्रणाली शुरू की गई है. इसके तहत पैकेट पर घोषित खुदरा गुटखा और अन्य उत्पादों पर भारी उत्पाद शुल्क

नई व्यवस्था के तहत,

गुटखा पर 91 प्रतिशत
चबाने वाले तंबाकू पर 82 प्रतिशत
जर्दा सुगंधित तंबाकू पर 82 प्रतिशत
अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा.बिक्री मूल्य के आधार पर GST मूल्य तय किया जाएगा, जिससे कर निर्धारण अधिक पारदर्शी होगा.

गुटखा और अन्य उत्पादों पर भारी उत्पाद शुल्क

नई व्यवस्था के तहत,

गुटखा पर 91 प्रतिशत
चबाने वाले तंबाकू पर 82 प्रतिशत

जर्दा सुगंधित तंबाकू पर 82 प्रतिशत

अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा.

वहीं, सिगरेट की लंबाई और फिल्टर के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक पर 2,050 रुपये से 8,500 रुपये तक का कर तय किया गया है.

राज्यों को मिलेगा कर राजस्व का हिस्सा

उत्पाद शुल्क से प्राप्त राजस्व का पुनर्वितरण वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों के बीच किया जाएगा. केंद्र सरकार के कर राजस्व का 41 प्रतिशत राज्यों को विभाज्य निधि के तहत दिया जाएगा.

स्वास्थ्य उपकर का उद्देश्य

पान मसाला उत्पादन इकाइयों की उत्पादन क्षमता के आधार पर स्वास्थ्य उपकर लगाया जाएगा. इस उपकर से प्राप्त राशि का एक हिस्सा स्वास्थ्य जागरूकता और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के लिए राज्यों के साथ साझा किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इसका उद्देश्य स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों के लिए समर्पित संसाधन तैयार करना है.

नए नियम भी अधिसूचित

वित्त मंत्रालय ने चबाने वाले तंबाकू, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा पैकिंग मशीन (क्षमता निर्धारण एवं शुल्क संग्रह) नियम, 2026 को भी अधिसूचित कर दिया है. संसद ने पिछले महीने पान मसाला पर उपकर और तंबाकू पर उत्पाद शुल्क लगाने को मंजूरी दी थी.

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