बलौदाबाजार। जिले के सोनाखान क्षेत्र के बाघमाड़ा जंगलों में छत्तीसगढ़ की पहली सोने की खान की खुदाई आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। यह ऐतिहासिक कदम न केवल प्रदेश बल्कि पूरे मध्य भारत के औद्योगिक और आर्थिक नक्शे पर महत्वपूर्ण पहचान स्थापित करने वाला माना जा रहा है। अनुमान है कि इस खान से प्रारंभिक चरण में करीब 500 किलो सोना प्राप्त हो सकता है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। वेदांता ग्रुप ने इस परियोजना के लिए सर्वाधिक बोली लगाई थी, जिसके बाद राज्य सरकार की अनुमति और पर्यावरणीय मंजूरी मिलने पर खुदाई का कार्य शुरू किया गया। बाघमाड़ा के जंगलों में पहले किए गए सर्वेक्षणों में सोने के भंडार के संकेत मिले थे, जिसके बाद महीनों तक जियो-टेक्निकल और भू-वैज्ञानिक अध्ययन किया गया। इन अध्ययनों की रिपोर्टों के आधार पर अब यहां वास्तविक खनन कार्य तेज गति से चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 500 किलो सोने के अनुमानित उत्पादन के साथ भविष्य में यह मात्रा और भी बढ़ सकती है। खुदाई कार्य अत्याधुनिक तकनीक और कड़े सुरक्षा मानकों के साथ किया जा रहा है, ताकि पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम रखा जा सके। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय समुदायों के हितों, वन क्षेत्र की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सोनाखान में सोने की खान की शुरुआत को प्रदेश के आर्थिक विकास का नया अध्याय माना जा रहा है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश, रोजगार के अवसर और खनन क्षेत्र में नए आयाम खुलने की संभावना जताई जा रही है। Post Views: 93 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG: सीमेंट प्लांट एक्सीडेंट: बॉयलर यूनिट में काम कर रहा मजदूर हादसे का शिकार CG: सोनाखान में शुरू हुई पहली गोल्ड माइंस की खुदाई, इतने किलो सोने की संभावना