रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शिक्षकों की छुट्टियों पर अब सख्त निगरानी रखी जाएगी। शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बिना विशेष अनुमति के कोई भी शिक्षक अवकाश (Leave) के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। यह आदेश विशेष रूप से राजधानी रायपुर में लागू किया गया है। धरसींवा विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि यह निर्णय कलेक्टर रायपुर द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को आयोजित टीएल (Time Limit) बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप है। आदेश के मुताबिक, 7 नवंबर 2025 तक किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को छुट्टी की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि कलेक्टर रायपुर की स्वीकृति न मिल जाए। कलेक्टर की अनुमति होगी अनिवार्य आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि किसी शिक्षक या कर्मचारी को किसी विशेष कारण से अवकाश की आवश्यकता होती है, तो उसे पहले कलेक्टर कार्यालय रायपुर से लिखित स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।केवल कलेक्टर की मंजूरी मिलने के बाद ही शिक्षक ऑनलाइन अवकाश आवेदन (Online Leave Application) कर सकेंगे।शिक्षा अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कलेक्टर की अनुमति के बिना किए गए सभी अवकाश आवेदन अमान्य माने जाएंगे। यानी यदि कोई शिक्षक बिना अनुमति छुट्टी पर जाता है, तो उसकी अनुपस्थिति को अनुशासनहीनता माना जाएगा और कार्रवाई की सिफारिश उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। समय पर उपस्थिति अनिवार्य आदेश में शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।सभी शिक्षकों को सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक शालाओं में उपस्थित रहना होगा।जो शालाएँ दो पाली में संचालित होती हैं, उन्हें पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही चलाना होगा।किसी भी प्रकार की देरी मान्य नहीं की जाएगी।यदि कोई शिक्षक नियमित रूप से देरी से आता है, तो संबंधित नोडल प्राचार्य या संकुल समन्वयक (Cluster Coordinator) को इसकी सूचना तुरंत शिक्षा अधिकारी कार्यालय को देनी होगी ताकि उच्च स्तर पर कार्रवाई की जा सके। टीएल बैठक के बाद कड़ा रुख दरअसल, 14 अक्टूबर को कलेक्टर रायपुर की अध्यक्षता में हुई टीएल बैठक में यह पाया गया था कि कुछ शासकीय एवं संकुल विद्यालयों में शिक्षकों की अनुशासनहीनता और अनधिकृत अनुपस्थिति के मामले बढ़ रहे हैं।कलेक्टर ने इस पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी के बाद धरसींवा बीईओ ने यह आदेश जारी किया। विद्यालयों में सख्त निगरानी व्यवस्था आदेश में यह भी कहा गया है कि अब से सभी विद्यालयों में उपस्थिति रजिस्टर और ऑनलाइन एंट्री दोनों की नियमित निगरानी की जाएगी।यदि किसी शिक्षक या कर्मचारी की उपस्थिति में विसंगति पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी स्पष्टीकरण (Explanation) मांगेंगे।शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम शिक्षण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और त्योहारी सीजन में स्कूलों की कार्यप्रणाली को बाधित होने से रोकने के लिए उठाया गया है। Post Views: 122 Please Share With Your Friends Also Post navigation छत्तीसगढ़ में बदली जाएगी परीक्षा प्रणाली, 20+20+60 प्रतिशत के फार्मेट में तैयार होगा छात्रों का रिजल्ट, देखें आदेश… CG ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ के शिक्षकों और कर्मचारियों को साय सरकार देगी एडवांस सैलरी, देखें आदेश…