सूरजपुर। जिले में सरकारी जमीन के अधिकार अभिलेख में कथित कूटरचना कर जमीन की रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है। एक 74 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि मकान निर्माण के लिए सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा देकर उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। करीब आठ महीने बाद उसे जानकारी मिली कि उसकी जमीन की बिक्री हो चुकी है। महिला ने मामले को लेकर कलेक्टर और एसपी से शिकायत की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि जमीन के अधिकार अभिलेख में दर्ज खसरा नंबरों में कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई और इसके बाद जमीन की बिक्री कर दी गई। शिकायत के मुताबिक, महिला को सरकारी योजना के तहत मकान के लिए मदद दिलाने की बात कहकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए थे। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मुख्तारनामा के जरिए जमीन बेचने और बिक्री की रकम लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। महिला को जब करीब आठ महीने बाद जमीन की बिक्री की जानकारी मिली तो उसने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। उसने संबंधित दस्तावेजों और अधिकार अभिलेख की जांच कराने के साथ कथित कूटरचना और जमीन बिक्री में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की है। महिला ने कलेक्टर और एसपी से शिकायत में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने का अनुरोध किया है। मामले में प्रशासनिक और पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। Post Views: 4 Please Share With Your Friends Also Post navigation बिना नंबर प्लेट बाइक पर गांजा तस्करी, ओडिशा से लेकर जा रहा था UP, आरोपी गिरफ्तार