दिनेश बारी / लखनपुर वन विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है हाथी प्रभावित ग्रामीण को सरगुजा जिले के लखनपुर वन परिक्षेत्र के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम पटकुरा का आदिवासी ग्रामीण पिछले एक वर्ष से मुआवजा पाने के लिए वन विभाग कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हाथी प्रभावित क्षेत्र के सोन साय मझवार का घर जुलाई 2023 में हाथियों द्वारा तोड़ दिया गया था। घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग ने तत्काल मुआवजा प्रकरण तैयार किया, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी मुआवजा नहीं दिया गया। पीड़ित सोन साय मझवार ने मुआवजा प्राप्ति के लिए लखनपुर वन विभाग कार्यालय का कई बार दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वन परिक्षेत्र अधिकारी मेरी लिली लकड़ा से भी संपर्क किया और आवेदन दिया। अधिकारी ने जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक यह आश्वासन केवल शब्दों तक सीमित है। ग्रामीणों को हो रही परेशानीग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी फोन नहीं उठाते और कार्यालय में भी उनसे मुलाकात नहीं हो पाती। लखनपुर वन परीक्षेत्र अधिकारी मेरी लिली लकड़ा अक्सर कार्यालय में अनुपस्थित रहती हैं और जिला मुख्यालय अंबिकापुर में निवास करती हैं। ऐसे में ग्रामीणों को वन विभाग के कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पक्ष लेने का प्रयास विफलहाथी प्रभावित ग्रामीणों के मुआवजे को लेकर जब वन परीक्षेत्र अधिकारी मेरी लिली लकड़ा से बात करने की कोशिश की गई, तो वह कार्यालय से अनुपस्थित थीं। फोन पर संपर्क करने पर भी उनका जवाब नहीं मिला। इस वजह से उनका पक्ष नहीं लिया जा सका। प्रश्नों के घेरे में प्रशासनअब सवाल यह है कि आखिर आदिवासी ग्रामीण को मुआवजा पाने के लिए कब तक कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ेगा? वन विभाग की लापरवाही और अधिकारियों की गैरहाजिरी ने ग्रामीणों की समस्याओं को और अधिक बढ़ा दिया है। Post Views: 228 Please Share With Your Friends Also Post navigation तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलटा, बड़ा हादसा टला लुण्ड्रा विधायक ने किया धान खरीदी केंद्रों का शुभारंभ, स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण