उदयपुर (सरगुजा): उदयपुर विकासखंड की प्राथमिक शाला भदवाही की प्रधान पाठक श्रीमती शशि शर्मा को उनके नवाचारी और उत्कृष्ट शिक्षण के लिए सत्र 2024 का शिक्षा दूत सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के समापन पर, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर अंबिकापुर विधायक श्री राजेश अग्रवाल, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, और कई अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। सम्मान स्वरूप श्रीमती शशि शर्मा को एक प्रशस्ति पत्र और पाँच हजार रुपए का चेक भी प्रदान किया गया। नवाचारी शिक्षण की प्रेरणाश्रीमती शशि शर्मा अपने नवाचारी शिक्षण तरीकों के लिए पूरे क्षेत्र में जानी जाती हैं। वे बच्चों को शिक्षा में रुचि बढ़ाने के लिए गीत-संगीत, कला, और अन्य सामाजिक गतिविधियों को अपने पाठ्यक्रम में शामिल करती हैं। उनका मानना है कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए; बच्चों को जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए विविध अनुभवों की जरूरत होती है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वे हर दिन नई-नई गतिविधियों का आयोजन करती हैं ताकि बच्चों को रचनात्मक और व्यावहारिक शिक्षा मिल सके। शाला का टीएलएम मॉडलश्रीमती शशि शर्मा के प्रयासों से उनकी शाला का टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) मॉडल भी बार-बार जिले स्तर पर प्रदर्शित किया जा चुका है। यह मॉडल शैक्षिक सामग्रियों के उपयोग को रोचक और प्रभावशाली बनाने के लिए तैयार किया गया है, जो बच्चों को आसानी से समझने में मदद करता है। उनके द्वारा विकसित शैक्षिक सामग्री के प्रयोग से न केवल बच्चों का ध्यान शिक्षा की ओर बढ़ा है, बल्कि शैक्षिक परिणामों में भी सुधार हुआ है। पुरस्कार और प्रशंसाश्रीमती शशि शर्मा को पहले भी उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं, और यह शिक्षा दूत पुरस्कार उनके शैक्षिक प्रयासों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके इस सम्मान के अवसर पर, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री रविकांत यादव, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी साहू जी, बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) उषा किरण बखला, तथा कई अन्य शिक्षकगण और दोस्तों ने उन्हें बधाई दी। समर्पित शिक्षिका के लिए बधाइयाँश्रीमती शशि शर्मा ने इस सम्मान को अपने समर्पण और मेहनत का फल बताया और इसे बच्चों की शिक्षा में सुधार लाने के लिए प्रेरणा का स्रोत माना। उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बच्चों के विकास के लिए नई-नई शिक्षण विधियाँ अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके द्वारा किए गए कार्य न केवल उनके स्कूल के बच्चों के लिए एक प्रेरणा हैं बल्कि समूचे क्षेत्र के शिक्षकों के लिए एक मार्गदर्शक भी हैं। श्रीमती शशि शर्मा का समर्पण और उनके शिक्षण के प्रति उनकी अनूठी दृष्टि क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को एक नई दिशा दे रही है। उनके नवाचार और शिक्षा में किए गए सुधारों से प्रेरित होकर अन्य शिक्षक भी नए तरीके से शिक्षा देने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। Post Views: 338 Please Share With Your Friends Also Post navigation बटईकेला में लूट के दौरान हुई हत्या का केस जशपुर पुलिस ने 16 घंटे में सुलझाया, एक आरोपी गिरफ्तार कृतश मिश्रा ने रचा इतिहास, पहले प्रयास में एनडीए परीक्षा पास