रायपुर। छत्तीसगढ़ में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा के लिए पहले चरण की लॉटरी प्रक्रिया 5 मई 2025 को नवा रायपुर के लोक शिक्षण संचालनालय में शुरू हुई। यह प्रक्रिया 6 मई तक चली, जिसमें पहले दिन 23 जिलों की 44,054 सीटों के लिए लॉटरी निकाली गई। शेष 10 जिलों की लॉटरी 6 मई को पूरी होगी। इस वर्ष कुल 1,05,372 आवेदनों में से 69,553 स्वीकृत हुए, और 6,628 निजी स्कूलों की 52,007 सीटों पर चयन होना है। लॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, बड़ी संख्या में चयनलॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी, उप संचालक आशुतोष चौरे, सहायक संचालक महेश नायक, आरटीई सेल के अधिकारी, प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के राजीव गुप्ता, पालक और पालक संघ के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पहले दिन 23 जिलों में 44,054 बच्चों का चयन हुआ, जो आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के लिए निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का अवसर प्रदान करेगा। शेष सीटों के लिए 6 मई को लॉटरी निकाली जाएगी, जिसके बाद चयनित बच्चों की सूची RTE पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। मुफ्त शिक्षा का सुनहरा अवसरRTE अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ सरकार निजी स्कूलों में 25% आरक्षित सीटों पर चयनित बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्च वहन करती है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर, अनुसूचित जाति, जनजाति, और अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का एक बड़ा कदम है। इस वर्ष 1,05,372 आवेदनों में से 69,553 को स्वीकृति मिली, जो दर्शाता है कि अभिभावकों में इस योजना के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ रहा है। चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त ट्यूशन, यूनिफॉर्म, और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। Post Views: 169 Please Share With Your Friends Also Post navigation युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा मौका: 7 मई को प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही! पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था ठप