गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फूलझर गांव में पिछले एक महीने में 8 लोगों की रहस्यमयी मौतों ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है। इन अचानक और अस्पष्ट कारणों से हुई मौतों ने ग्रामीणों में इतना भय पैदा कर दिया है कि इस बार होली का त्योहार भी फीका पड़ गया। न होलिका दहन की लपटें दिखीं, न ही रंग-गुलाल की मस्ती। इसके बजाय, गांव में सन्नाटा पसरा रहा और लोग डर के साये में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में जुट गए।

बता दें कि लगातार हो रही मौतों से परेशान ग्रामीणों ने सभी कामकाज ठप कर दिए और सामूहिक रूप से संकट से निजात पाने के लिए पूजा-अर्चना शुरू की। गांव के देवालयों में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। महिलाएं पीली साड़ी पहनकर सिर पर मंगल कलश लिए शीतला मंदिर पहुंचीं, तो पुरुष धोती-कुर्ता पहनकर भजन-कीर्तन करते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। शीतला मंदिर में संकट टालने की प्रार्थना के बाद हनुमान मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ हुआ। आज सुबह से गांव में 24 घंटे का अखंड हनुमान चालीसा पाठ जारी है, जिसके जरिए ग्रामीण इस अनहोनी को रोकने की उम्मीद कर रहे हैं।

संत के सान्निध्य में होगा हवन-
कल यानी 18 मार्च को सिरकट्टी आश्रम के संत गोवर्धन शरण महाराज के नेतृत्व में शीतला मंदिर में विशेष हवन-पूजन का आयोजन होगा। इस दौरान पूरा गांव अपने रोजमर्रा के काम बंद रखकर शांति हवन में हिस्सा लेगा और देवी-देवताओं से गांव की रक्षा की गुहार लगाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि यह धार्मिक अनुष्ठान उनके गांव से इस अज्ञात संकट को दूर कर सकता है।

प्रशासन जांच में जुटा-
इन रहस्यमयी मौतों के पीछे का कारण अभी तक सामने नहीं आया है। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला है।

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By Chhattisgarh Kranti

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