हीमोग्लोबिन की कमी से कौन सी बीमारियां होती है? कैसे करें बचाव

नई दिल्ली। हीमोग्लोबिन एक बेहद जरूरी प्रोटीन है जो रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है और शरीर के हर हिस्से में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है. यह शरीर के एनर्जी लेवल और स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है. हीमोग्लोबिन की कमी होने पर शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे थकान, कमजोरी और फोकस करने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं. महिलाएं, खासकर प्रेगनेंट महिलाएं और टीनेजर को हीमोग्लोबिन की कमी का अधिक खतरा होता है. बच्चों और बुजुर्गों में भी इसका स्तर जल्दी कम हो सकता है।

हीमोग्लोबिन की कमी के सामान्य लक्षणों में जल्दी थकान, चक्कर आना, सांस फूलना, चेहरे या होंठों का पीला पड़ना, हाथ-पैर ठंडे रहना और सिरदर्द शामिल हैं. अगर इन संकेतों को नजरअंदाज किया जाए तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि हीमोग्लोबिन की कमी से कौन सी बीमारियां होती हैं, इसकी कमी के कारण क्या हैं और इसे बचाव कैसे किया जा सकता है।

हीमोग्लोबिन की कमी से कौन-सी बीमारियां होती हैं?

लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर एचओडी डॉ. एल.एच. घोटेकर बताते हैं कि हीमोग्लोबिन की कमी, जिसे एनीमिया भी कहते हैं, लंबे समय तक रहने पर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है. सबसे आम समस्या है शरीर में एनर्जी की कमी और लगातार थकान महसूस होना. इससे हार्ट पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे हार्ट संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी से विकास में रुकावट और पढ़ाई में ध्यान कम होना देखा जाता है. प्रेगनेंट महिलाओं में यह गर्भस्थ शिशु के विकास को प्रभावित कर सकती है और जन्म के समय परेशानियां बढ़ा सकती है. कुछ मामलों में कमजोरी और ध्यान न लग पाने की समस्या, सिरदर्द और त्वचा का फीका पड़ना भी जुड़ा होता है. इसलिए समय रहते हीमोग्लोबिन का स्तर जांचना और उसे सही बनाए रखना जरूरी है।

हीमोग्लोबिन की कमी क्यों होती है?

हीमोग्लोबिन की कमी कई कारणों से हो सकती है. सबसे सामान्य कारण शरीर में आयरन की कमी है, क्योंकि हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आयरन जरूरी होता है. इसके अलावा फोलिक एसिड और विटामिन बी12 की कमी भी एनीमिया का कारण बन सकती है. प्रेगनेंसी और पीरियड्स के दौरान ब्लड की अधिक कमी भी हीमोग्लोबिन को प्रभावित करती है।

खून लगातार खोना, जैसे चोट लगना या अंदरूनी ब्लीडिंग, भी इसके कारण बन सकती है. कुछ पुरानी बीमारियां, जैसे किडनी डिजीज, थायरॉइड और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर, भी हीमोग्लोबिन की कमी का कारण बन सकती हैं।

कैसे करें बचाव

डाइट में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 युक्त चीजें शामिल करें।

नियमित रूप से ब्लड टेस्ट कराएं।

पीरियड्स या प्रेगनेंसी में अधिक सावधानी रखें।

हरी सब्जियों और फल का सेवन बढ़ाएं।

डॉक्टर की सलाह अनुसार सप्लीमेंट लें।

पर्याप्त नींद और हल्की एक्सरसाइज करें

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By Chhattisgarh Kranti

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