देवउठनी एकादशी का पर्व 1 नवंबर दिन शनिवार को लखनपुर विकासखंड के ग्राम कुंवरपुर में हर्षोल्लास तथा परम्परागत रूप से मनाया गया। इस मौके पर संध्या समय माता तुलसी जी का भगवान शालिग्राम के साथ विवाह किया गया। संध्या समय गन्नाो का मण्डप बनाकर उसके नीचे तुलसी मैया का भगवान शालिग्राम जी के साथ विधि विधान से विवाह रचाया गया। घर-घर में भगवान शालिगराम की पूजा अर्चना की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो लोग तुलसी विवाह संपन्नाा करवाते हैं उनके ऊपर भगवान विष्णु जी की विशेष कृपा होती है। शाम होने पर भगवान विष्णु की पूजाकर सुख-समृद्धि की कामना की तुलसी विवाह करने से कन्यादान के समान फल की प्राप्ति होती है,देवउठनी एकादशी से ही विवाह की सहगल प्रारंभ हो जाती है, ऐसी मान्यता है कि चार माह तक भगवान विष्णु जी शेषसैया पर सोते रहते है, तथा देवउठनी एकादशमी पर भगवान सोकर उठते है। भगवान के जाग जाने के उपरांत ही वैवाहिक मंगल कार्य भी सम्पन्नाा होना शुरू हो जाते है। आज से विवाह की रस्में शुरू हो जाएगा। वही आज गन्नो के दाम बढ़ गए हैं 50 से 100 रुपये प्रति नग बिका। किसान व्यापारी बाजार में बड़ी मात्रा में बिक्री के लिए गन्ना लेकर पहुंचे, बाजार में इस बार गन्नाा 50से 100 रुपये नग बिका, लोगों ने गन्नाो के साथ-साथ पूजन के लिए फूल, ईमली, चना भाजी, आंवला, बताशा, पेठा आदि की भी खरीददारी की। इस दौरान परंपरागत रूप से ग्राम पंचायत कुंवरपुर में बईगा आलम साय, सूरज प्रसाद, सितेश सिरदार,अलवा पप्पू सारथी,कोटवार, व ग्रामवासियों सहित सरपंच चमन सिंह पैकरा के सानिध्य में विधि विधान के साथ संपन्न कराया गया। Post Views: 80 Please Share With Your Friends Also Post navigation देवउठनी एकादशी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, श्रीहरि होंगे प्रसन्न! कार्तिक पूर्णिमा के दिन इन 5 चीजों के दान का है विशेष महत्व, प्रसन्न होंगी धन लक्ष्मी…