स्किन डिजीज अब गंभीर बीमारियों में शामिल, WHO ने सनस्क्रीन और मॉश्चराइजर को मिला दवा का दर्जा नई दिल्ली। अब तक लोग स्किन डिजीज को मामूली बीमारी मानकर नजरअंदाज करते थे, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गंभीर बीमारियों की सूची में शामिल कर लिया है। WHO की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि त्वचा से जुड़ी समस्याएं केवल सौंदर्य से जुड़ी नहीं होतीं, बल्कि ये मानसिक स्वास्थ्य, जीवनशैली और कई बार जानलेवा बीमारियों का कारण भी बन सकती हैं। WHO ने जारी की नई सूची WHO ने अपनी आवश्यक दवाओं (Essential Medicines) की सूची में सनस्क्रीन और मॉश्चराइजर को भी शामिल किया है। संगठन का कहना है कि यह केवल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि आम जनता की जरूरत है। लगातार बढ़ती स्किन प्रॉब्लम्स, प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के कारण त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ गया है। क्यों बढ़ रही हैं स्किन डिजीज तेज धूप और ओजोन परत में छेद के कारण UV किरणों का असर बढ़ता प्रदूषण और धूल-मिट्टी असंतुलित लाइफस्टाइल और खानपान केमिकल युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल भारत में स्थिति भारत में हर साल लाखों लोग स्किन डिजीज से प्रभावित होते हैं। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में त्वचा रोगों के सही इलाज और जागरूकता की कमी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना आगे चलकर कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों में बदल सकता है। डॉक्टरों की सलाह डर्मेटोलॉजिस्ट्स का कहना है कि: रोजाना सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें मौसम और स्किन टाइप के अनुसार मॉश्चराइजर लगाएं धूप में जाते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं त्वचा पर कोई असामान्य दाग-धब्बा या गांठ दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें Post Views: 54 Please Share With Your Friends Also Post navigation Google Gemini : AI टूल से बनवा रहे हैं तस्वीरें? तो इन खतरों से रहें सावधान, कहीं खो न जाए प्राइवेसी! SBI ने ग्राहकों के लिए जारी की जरूरी सूचना: YONO, इंटरनेट बैंकिंग समेत ये सेवाएं रहेंगी बंद