नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग से सबसे ज्यादा मुस्लिम देश ही प्रभावित हो रहे हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश, दुबई सहित कई देशों में युद्ध के चलते महंगाई ताबड़तोड़ बढ़ रही है। हालात ऐसे हैं कि यहां दैनिक उपभोग से लेकर जरूरी सामानों की कीमतें आसमान छू रही है। वहीं, बात करें ईरान से आने वाले कच्चे तेल की कीमतों की तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है, जिसका असर पर खुदरा बाजार में दिखने लगा है। जी हां अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनाने की कवायद में लगे पाकिस्तान ने अपने आवाम को जोर का झटका दिया है। पेट्रोल 50 और डीजल 20 प्रतिशत महंगामिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी कर दी है। सरकार का ये फैसला पाकिस्तानी जनता पर किसी बम की तरह फटा है। बताया जा रहा है कि सरकार ने पेट्रोल पर 50 और डीजल पर 20 प्रतिशत की वृद्धि की है। बता दें कि पेट्रोल-डीजल संकट के चलते पाकिस्तान ने कई शहरों पर लॉकडाउन भी लगा दिया है। 520 रुपए लीटर हुआ डीजलहाल ही में हुई बैठक के बाद पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल में 137 रुपए और डीजल के दाम 184 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद पाकिस्तान में डीजल 520.35 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत 458.40 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। इस संबंध में पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से यह कदम उठाया गया। दाम तो बढ़ने ही थे: पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिकपेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इसका जिम्मेदार कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को बताया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, ‘अमेरिका और ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें नियंत्रण के बाहर चली गईं हैं। ऐसे में रेट बढ़ने ही थे।’ उन्होंने आगे बताया कि बुधवार को ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकला एक जहाज कराची पोर्ट पहुंचा था। ट्रस्ट के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि इसके अलावा एक दूसरा जहाज भी दूसरे मार्ग से बंदरगाह पर पहुंचा है। प्रवक्ता शारिक फारूकी ने कहा कि इस महीने खाड़ी देशों से जरूरी तेल की आपूर्ति के लिए पाकिस्तान के झंडे वाले और भी जहाजों के आने की उम्मीद है। होर्मुज से आएगा पाकिस्तानी जहाजमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा था कि ईरान होर्मुज से 20 अतिरिक्त पाकिस्तानी जहाजों को गुजरने देने पर सहमत हो गया है। चीन और पाकिस्तान ने पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए पांच सूत्री प्रस्ताव रखा है। इन प्रस्तावों में शत्रुता को तुरंत समाप्त करने, जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू करने, गैर-सैन्य लक्ष्यों की सुरक्षा और नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर को मानने जैसे प्रावधान शामिल थे। Post Views: 3 Please Share With Your Friends Also Post navigation संसद में बच्चों पर सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव का मुद्दा गूंजा, सख्त कानून की मांग