उदयपुर। मैनपाट क्षेत्र से होते हुए 14 हाथियों का दल लखनपुर के पटकुरा बीट कक्ष क्रमांक 2205 से गुजरते हुए 11 सितंबर को केदमा क्षेत्र के बीट केदमा-बी के कक्ष क्रमांक 2204 स्थित केसमा वन क्षेत्र में पहुंचा। दिनभर जंगल में रुके हाथियों का दल शाम ढलते ही केसमा से डुफाखार की ओर बढ़ा और रास्ते में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हुए लालपुर-केदमा के बीच रेण नदी किनारे जोकी नाला मुहानी सायर मार्ग के कक्ष क्रमांक पी-2225 में पहुंच गया। इसके बाद हाथियों का दल डुफाखार की ओर बढ़ गया और फिलहाल जंगल क्षेत्र में मौजूद बताया जा रहा है। दो दर्जन किसानों की फसल प्रभावित वन विभाग के अनुसार हाथियों के दल ने अब तक करीब दो दर्जन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जबकि लगभग 4 हेक्टेयर धान की फसल रौंदे जाने की जानकारी सामने आई है। केसमा, सायर, केदमा, डुफाखार, बुले, बसवार और लालपुर सहित आसपास के गांवों में हाथियों की आवाजाही की संभावना को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। 🚨 तीन टीमें 24 घंटे निगरानी में🛑🛑 ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है। दल प्रभारी गिरीश वनपाल, बहादुर सिंह, मलेश्वर सिंह, वसंत राम, राजू टोप्पो, इग्निस बैक, नंद कुमार सिंह, पूरन राजवाड़े सहित वन अमले द्वारा प्रभावित गांवों में लगातार सूचना दी जा रही है और मुनादी कराकर लोगों को जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की जा रही है। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन अमले ने तीन अलग-अलग टीमों का गठन कर 24 घंटे निगरानी शुरू की है। 🛑🛑 वन विभाग की अपील के बावजूद हाथियों का पीछा कर रही भीड़ सबसे चिंताजनक तस्वीर उस समय सामने आई जब वन विभाग की लगातार समझाइश और मना करने के बावजूद सैकड़ों ग्रामीण हाथियों को देखने और उनका पीछा करने के लिए जंगल तथा नदी की ओर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों की भीड़ हाथियों के पीछे दौड़ती हुई नदी पार करती नजर आई। विशेषज्ञों और वन अमले के लिए यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि हाथियों को घेरने या उनके बेहद करीब जाने से अचानक हाथी-मानव संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें जान-माल का बड़ा नुकसान होने की आशंका रहती है। 🐘 एक दंतैल हाथी पहले से बना हुआ है चुनौती 14 हाथियों के दल के अलावा क्षेत्र में पिछले करीब एक महीने से एक दंतैल हाथी की सक्रियता भी बनी हुई है। यह हाथी समय-समय पर घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाने क्षेत्र में पहुंच रहा है। करीब एक सप्ताह पहले यह दंतैल पीसीबी कोयला खदान क्षेत्र के भीतर भी घुस गया था, जिसे वन अमले ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद भारी बारिश के बीच कई किलोमीटर पैदल चलकर खदान क्षेत्र से बाहर निकाला था। 🔴 बढ़ी वन विभाग की चुनौती, ग्रामीणों में भी भय एक ओर क्षेत्र में 14 हाथियों के दल की मौजूदगी और दूसरी ओर पहले से सक्रिय दंतैल हाथी ने वन विभाग की चुनौती बढ़ा दी है। वहीं लगातार फसल नुकसान और हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में भी भय का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर उनके पीछे न जाएं, भीड़ न लगाएं और हाथियों को घेरने अथवा नदी-पहाड़ की ओर उनका पीछा करने की कोशिश बिल्कुल न करें। Post Views: 1 Please Share With Your Friends Also Post navigation पत्नी से अवैध संबंध के शक में पड़ोसी पर हमला, युवक की मौत, आरोपी फरार…