बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाल ही में सामने आए हेरोइन बरामदगी मामले में जांच एजेंसियों को अहम सफलता मिली है। पुलिस की विस्तृत और एंड-टू-एंड जांच में ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क राज्य की सीमाओं से बाहर तक फैला हुआ मिला है। प्रारंभिक जांच के बाद अब इस मामले में पाकिस्तान कनेक्शन उजागर हुआ है, जिसने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद हेरोइन की सप्लाई पंजाब के तरन तारन जिला से की जा रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया इनपुट के आधार पर बिलासपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस की सहायता से संयुक्त दबिश दी। इस ऑपरेशन के दौरान मुख्य आरोपी बलराम सिंह सनियारे को गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी कर बिलासपुर लाया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से ड्रग्स नेटवर्क के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर रोशनी पड़ सकती है। जांच में सामने आया है कि बलराम सिंह का निवास सीमा से सटे खेमकरण क्षेत्र में था। यह इलाका अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब होने के कारण पहले भी संवेदनशील माना जाता रहा है। खुफिया जानकारी के अनुसार, आरोपी के सीधे संपर्क सीमा पार पाकिस्तान स्थित ड्रग सप्लायरों से थे। सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी। ड्रोन तकनीक का उपयोग कर सीमा पार से छोटे पैकेट गिराए जाते थे, जिन्हें स्थानीय स्तर पर रिसीव कर आगे सप्लाई चेन में शामिल किया जाता था। यह तरीका हाल के वर्षों में ड्रग तस्करी के मामलों में तेजी से सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पहले भी सुरक्षा एजेंसियों ने इस नेटवर्क पर कार्रवाई की थी। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में सप्लाई के दौरान एक ड्रोन को मार गिराने में सफलता हासिल की थी। उस समय भी आरोपी का नाम संदिग्ध गतिविधियों में सामने आया था। Post Views: 24 Please Share With Your Friends Also Post navigation सुसाईड नोट छोड़कर पति-पत्नी ने की आत्महत्या, इकलौते बेटे की कुछ माह पहले हुई थी मौत… छत्तीसगढ़ बजट 24 फरवरी को होगा पेश, वित्त मंत्री ने कहा, महिलाओं–युवाओं–किसानों पर विशेष जोर