पखांजूर। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मिलने वाली 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि के लालच में कांकेर जिले में एक पहले से शादीशुदा जोड़े ने दोबारा विवाह रचा लिया। मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्ती बरतते हुए राशि वापस करने के निर्देश दिए हैं और संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया है।

जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत प्रेमनगर निवासी सुदीप विश्वास और ग्राम पीवी-64 निवासी स्वर्णा मिस्त्री ने 3 जून 2025 को सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह किया था और साथ रह रहे थे। इसके बावजूद दोनों ने 10 फरवरी को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में फिर से सात फेरे ले लिए।

मामले के उजागर होने के बाद आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। आवेदन सेक्टर हरनगढ़ से किया गया, जबकि नियमानुसार वधू पक्ष के स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र से आवेदन अनिवार्य है। आरोप है कि बिना गहन जांच के आवेदन स्वीकार कर लिया गया। पंचायत से अविवाहित होने का प्रमाण पत्र तो लिया गया, लेकिन वास्तविक वैवाहिक स्थिति की पुष्टि नहीं की गई।

वायरल तस्वीरों से खुलासा

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में वर-वधू सिंदूर और पारंपरिक प्रतीकों के साथ नजर आए, जिससे उनके पहले से विवाहित होने की बात सामने आई। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है, ऐसे में फर्जी पंजीकरण से सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ।

वापस करनी होगी राशि

महिला एवं बाल विकास परियोजना, कोयलीबेड़ा-2 पखांजूर द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि जांच में दोबारा विवाह की पुष्टि हुई है। 35 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि में से 15 हजार रुपए तत्काल जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। दो दिन के भीतर राशि जमा नहीं करने पर गबन की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के संकेत दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।

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By Chhattisgarh Kranti

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