पुरुषोत्तम मास (मलमास या अधिकमास) को सनातन धर्म में बेहद पवित्र और चमत्कारी महीना माना गया है जो कि15 जून तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूरे महीने में भगवान विष्णु (श्रीहरि) की पूजा-अर्चना करने से सोई हुई किस्मत भी जाग उठती है। चूंकि इस मास के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु हैं, इसलिए इसे ‘पुरुषोत्तम मास’ कहा जाता है।

यदि आप भी अपनी किस्मत के ताले खोलना चाहते हैं, जीवन से आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और बाधाओं को दूर करना चाहते हैं, तो इस पावन महीने में ये खास उपाय जरूर करें:

  1. श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा

केसर के दूध से अभिषेक: पुरुषोत्तम मास में रोजाना या हर एकादशी को भगवान विष्णु का केसर मिले हुए दूध से अभिषेक करें। इससे धन और वैभव की प्राप्ति होती है।
तुलसी अर्पण: श्रीहरि की पूजा में तुलसी दल (पत्ते) जरूर शामिल करें। ध्यान रखें कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग स्वीकार नहीं करते।

  1. ‘दीपदान’ से दूर होगा अंधकार

इस पूरे महीने में शाम के समय पीपल के पेड़, तुलसी के पौधे और घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। यदि संभव हो, तो किसी पवित्र नदी के किनारे या मंदिर में दीपदान करें। इससे पितृ दोष दूर होता है और तरक्की के रास्ते खुलते हैं।

  1. महामंत्रों का जाप

इस महीने में मंत्रों का जाप 10 गुना अधिक फल देता है। तुलसी की माला से रोजाना इन मंत्रों का जाप करें:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ श्री विष्णवे नमः
महामृत्युंजय मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से असाध्य रोगों और कष्टों से मुक्ति मिलती है।

  1. दान का अनंत पुण्य

पुरुषोत्तम मास में किए गए दान का फल कभी समाप्त नहीं होता। अपनी श्रद्धा के अनुसार इन चीजों का दान जरूर करें:
मालपुए का दान: इस मास में कांसे के पात्र में मालपुए रखकर दान करने की विशेष परंपरा है।
जरूरी वस्तुएं: अन्न, पीले वस्त्र, केले, धार्मिक पुस्तकें, या छाता और चप्पल का दान करने से भाग्य मजबूत होता है।

  1. शंख और पीले रंग का प्रयोग

पूजा के समय दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर पूरे घर में छिड़कें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है।
इस महीने में पीले रंग के वस्त्र पहनना और भगवान को पीले रंग के फल या मिठाई का भोग लगाना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।

विशेष ध्यान रखें:
पुरुषोत्तम मास में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक (शुभ) कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन पूजा-पाठ, मंत्र जाप, व्रत और दान-पुण्य करने के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है। निष्काम भाव से की गई भक्ति जीवन के सारे संकट काट देती है।
जय श्री हरि विष्णु!

आचार्य पं गिरीश पाण्डेय
एस्ट्रोलॉजर (एस्ट्रोसेज) एवं
भागवताचार्य
अमरैया पारा पिथौरा (महासमुंद) 📞7000217167

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By Chhattisgarh Kranti

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