दिवाली पर डायबिटीज और बीपी के मरीज इन बातों का रखें ध्यान… नई दिल्ली। दिवाली के दौरान मिठाइयों, तले-भुने खाने और बदलती दिनचर्या के कारण डायबिटीज और बीपी के मरीजों की सेहत पर असर पड़ सकता है. इस समय लोग डाइट कंट्रोल भूल जाते हैं, जिससे ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर का स्तर बिगड़ सकता है. रात तक जागना, तनाव और प्रदूषण भी स्थिति को खराब कर सकते हैं. ऐसे में सही खानपान, नियमित दवाई और पर्याप्त नींद जरूरी है. त्योहार के दौरान खराब खानपान, अत्यधिक मिठाई और नमक का सेवन डायबिटीज़ और बीपी मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है. इससे ब्लड शुगर बढ़ने, ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने या घटने और हार्ट संबंधी दिक्कतों का खतरा रहता है. अधिक तेल वाले पकवान और मीठी पीने की चीजें शरीर में सूजन और थकान भी बढ़ा सकते हैं. साथ ही, नींद की कमी और मानसिक तनाव स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं. दिवाली की भागदौड़ में अगर दवाइयां मिस हो जाएं तो ग्लूकोज लेवल या बीपी इम्बैलेंस हो सकता है, जो अस्पताल में भर्ती तक की नौबत ला सकता है. डायबिटीज और बीपी के मरीज इन बातों का रखें ध्यानदिल्ली में अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल में कंसल्टेंट – इंटरनल मेडिसिन डॉ. अली शेर बताते हैं कि दिवाली जैसे त्यौहार के दौरान डायबिटीज और बीपी (हाई ब्लड प्रेशर) के मरीज घर की बनी शुगर-फ्री मिठाइयां या ड्राई फ्रूट्स को विकल्प के रूप में चुनें. साथ ही, बहुत देर रात तक जागना, तनाव लेना या अत्यधिक थकान से भी बचें, क्योंकि ये सभी चीजें हार्ट और ब्लड शुगर लेवल पर असर डालती हैं. त्यौहार के बीच दवा का समय न भूलें और पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे. डॉक्टर यह भी कहते हैं कि रोजाना थोड़ी देर टहलना, हल्का योग या मेडिटेशन करने से शरीर एक्टिव रहता है और मन शांत रहता है. सबसे जरूरी है कि त्यौहार का आनंद संयम और संतुलन के साथ लें, ताकि स्वास्थ्य भी अच्छा रहे और खुशी भी बरकरार रहे. ये भी जरूरी : नियमित दवाइयां समय पर लें. पर्याप्त पानी पीते रहें. देर रात तक जागने से बचें. तनाव और थकान से दूर रहें. रोजाना शुगर और बीपी की जांच करें. हल्की एक्सरसाइज या वॉक को रूटीन में रखें. Post Views: 68 Please Share With Your Friends Also Post navigation दिवाली के मौके पर मात्र 100 रुपए रिचार्ज करवाने पर मिलेगा 10 ग्राम चांदी का सिक्का, आज और कल के लिए लागू रहेगा ऑफर… पटाखों से जलने या आंख में चोट लगने पर क्या करें?