बालोद। बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। आपको बता दे दिलीप उईके पर महिला आरक्षक से यौन शोषण और तीन बार जबरन गर्भपात और लाखों रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी के गंभीर आरोप थे। पीड़ित महिला आरक्षक की शिकायत के बाद आरोपों से घिरे बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके को निलंबित कर दिया है।

गौरतलब है कि बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके खिलाफ बालोद जिले की एक महिला आरक्षक ने गंभीर आरोप लगाये थे। महिला आरक्षक ने डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके पर यौन शोषण के साथ ही तीन बार जबरन गर्भपात और लाखों रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत मुख्य सचिव को साक्ष्यों सहित 12 बिंदुओं वाली विस्तृत शिकायत भेजी थी।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि दिली उईके और पीड़िता का परिचय वर्ष 2017 में बालोद के डौंडी में पढ़ाई के दौरान हुआ था। इस दौरान उईके ने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता जो कि स्वयं 2017 में पुलिस आरक्षक बनी थीं। उईके की पढ़ाई और कोचिंग के लिए हर महीने चार से पांच हजार रुपये भेजती थीं। वर्ष 2020 में उईके का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ।

जिसके बाद कथित तौर पर उनका व्यवहार बदल गया। महिला ने अपनी शिकायत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोप है कि शादी का आश्वासन देकर आरोपी ने पीड़िता का 2017 से 2025 के बीच तीन बार जबरन गर्भपात कराया। वहीं बीजापुर में पदस्थापना के दौरान भी जनवरी से मई 2025 के बीच आरोपी डिप्टी कलेक्टर द्वारा शारीरिक शोषण किया जाता रहा। पीड़ित महिला आरक्षक की शिकायत पर शासन स्तर पर एक्शन लेते हुए डिप्टी कलेक्टर दिली उईके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

Please Share With Your Friends Also

By Chhattisgarh Kranti

हमारी कोशिश इस वेबसाइट के माध्यम से आप तक राजनीति, खेल, मनोरंजन, जॉब, व्यापार देश विदेश इत्यादि की ताजा और नियमित खबरें आप तक पहुंच सकें। नियमित खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ। जय जोहार ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!