CG: गणतंत्र दिवस पर कलेक्ट्रेट में हड़कंप, बर्खास्त होमगार्ड ने जहर पीकर की आत्महत्या की कोशिश कोरबा:- पांच दिन पहले बर्खास्त किए गए एक नगर सैनिक (होमगार्ड) ने गणतंत्र दिवस के दिन कलेक्ट्रेट परिसर में जहर पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। उसे गंभीर अवस्था में उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नगर सैनिक संतोष पटेल (46 वर्ष) ने पिछले दिनों संभागीय सेनानी के समक्ष सम्मेलन के दौरान जिला नगर सेनानी अनुज एक्का पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेकर पुनर्नामांकन (हर वर्ष सेवा अवधि को आगे बढ़ाए जाने वाली प्रक्रिया) किए जाने का गंभीर आरोप लगाया था। स्टेनो हुसैन के माध्यम से राशि जिला सेनानी तक पहुंचाने का तथ्य उसने अपनी शिकायत में प्रस्तुत किया था। 21 जनवरी को बर्खास्त कर दिया गया विभागीय जांच के दौरान हुसैन ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया, जिससे शिकायत झूठी साबित हो गई। यही नहीं, संतोष की पुरानी शिकायतों की भी विभागीय जांच शुरू कर दी गई। अंततः जिला सेनानी पर आरोप लगाने वाले नगर सैनिक संतोष को 21 जनवरी को बर्खास्त कर दिया गया। कार्रवाई से वह बेहद व्यथित था इस कार्रवाई से वह बेहद व्यथित था। उसने आरोप लगाया कि संभागीय सेनानी नर्सिंग नेताम ने सम्मेलन के दौरान कहा था कि आप अपनी शिकायतें खुलकर कर सकते हैं। उनके आश्वासन पर उसने जिला सेनानी के खिलाफ शिकायत की, लेकिन बाद में उसी पर कार्रवाई की जाने लगी। कुछ देर पहले ही कलेक्टर झंडा फहराकर निकले थे इसी से व्यथित होकर 26 जनवरी की सुबह करीब आठ बजे वह कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा और जहर पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। यहां कुछ देर पहले ही कलेक्टर कुणाल दुदावत झंडा फहराकर निकल चुके थे। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। हालत बेहद गंभीर होने के कारण उसे आइसीयू में गहन उपचार के लिए रखा गया है। घटना के बाद कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी, सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। सैनिक की जेब से मिला सुसाइड नोट अस्पताल में दाखिल कराए गए नगर सैनिक संतोष की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें संभागीय सेनानी नर्सिंग नेताम व जिला नगर सेनानी अनुज एक्का पर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि संतोष की स्थिति ठीक होते ही उसका बयान लिया जाएगा। मामले की पूरी जांच निष्पक्षता से की जाएगी। तीन माह के भीतर दो बार हो चुका है काम बंद आंदोलन यह बेहद गंभीर पहलू है कि जिला नगर सेनानी अनुज एक्का पर न केवल संतोष पटेल ने गंभीर आरोप लगाए हैं, बल्कि महिला नगर सैनिकों ने भी अभद्र और अशोभनीय हरकत करने की शिकायतें की हैं। पिछले तीन माह के भीतर दो बार नगर सैनिकों ने मोर्चा खोलते हुए काम बंद आंदोलन किया है। Post Views: 20 Please Share With Your Friends Also Post navigation 3 लाख दीयों से जगमगा उठा बस्तर का ऐतिहासिक दलपत सागर, ड्रोन से दिखा शानदार नजारा कर्तव्य पथ पर गूंजा छत्तीसगढ़ के जनजातीय शौर्य का इतिहास, जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की भव्य झांकी बनी आकर्षण का केंद्र