जांजगीर। छत्तीसगढ़ सरकार गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी के लाख दावे कर ले, लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए रिश्वत दिये बगैर काम नही होता। ताजा मामला जांजगीर जिले का है। आरोप है कि पीएम किसान योजना में नाम त्रुटि में सुधार के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय के कम्पयूटर ऑपरेटर ने किसान से 7 हजार रूपये की डिमांड की और 4 हजार रूपये की रिश्वत लेकर काम किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियों सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जहां हड़कंप मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिये है।

जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला जांजगीर जिला के बम्हनीडीह विकासखंड स्थित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय का है। बताया जा रहा है कि इस कार्यालय में एक किसान अपनी पीएम किसान सम्मान निधि में ​नाम त्रुटि सुधार कराने के लिए कार्यालय पहुंचा था। इस दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर नीतेश किशोर ने नाम त्रुटि सुधार के लिए रिश्वत की मांग कर दी। वायरल वीडियों में सुना जा सकता है कि कम्पयूटर आपरेटर ने किसान सम्मान निधि में मिलने वाले 8 हजार रूपये में से 7 हजार रूपये रिश्वत में देने की बात कह दी। इस दौरान जब किसान कंप्यूटर ऑपरेटर को 4 हजार रूपये दे रहा था।

इसी दौरान वहां मौजूद एक दूसरे किसान ने कंप्यूटर ऑपरेटर को किसान से पैसे लेते हुए इस घटना को वीडियो में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद उसने सोशल मीडिया में वीडियो को वायरल कर दिया। सोशल मीडिया में किसान से रिश्वत लेने का वीडियों सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। जांजगीर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने  जांच के आदेश दिये। कलेक्टर ने एसडीएम पवन कोसमा और अनुविभागीय कृषि विस्तार अधिकारी एम.के. मरकाम इस पूरे मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। एसडीएम पवन कोसमा ने पैसा देने वाले किसान और कम्पयूटर ऑपरेटर का बयान लेने के बाद जांच रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष पेश की जायेगी। जिसके बाद कम्पयूटर आॅपरेटर पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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By Chhattisgarh Kranti

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