तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई डेडलाइन समाप्त होने से पहले ही अमेरिका और इजराइल ने ईरान के नागरिक ढांचों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा हमलों में मध्य ईरान के काशान के पास याह्याबाद रेलवे ब्रिज पर हमला किया गया, जिसमें 2 लोगों की मौत और 3 अन्य के घायल होने की खबर है। इसके अलावा तेहरान के दक्षिण में स्थित कोम शहर के पास और उत्तर-पश्चिमी ईरान में तब्रीज-जंजन हाईवे पर बने पुल को भी निशाना बनाया गया। कजविन शहर में रेल नेटवर्क को नुकसान पहुंचने की सूचना है। लगातार हमलों के चलते कई शहरों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे व्यापक स्तर पर ब्लैकआउट की स्थिति बन गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग आइलैंड पर भी हमला किया है। इस हमले की पुष्टि अमेरिकी मीडिया ‘एक्सियोस’ ने की है। बुशेहर और बंदर गनावेह क्षेत्रों के लोगों ने जोरदार धमाकों की आवाज सुनने की बात कही है, हालांकि नुकसान का पूरा आंकलन अभी नहीं हो सका है। ईरान की Fars News Agency के मुताबिक, देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने यात्रियों के लिए सड़क मार्ग का विकल्प उपलब्ध कराया है। इससे पहले इजराइल ने नागरिकों को देशभर में रेलवे लाइनों और ट्रेनों से दूर रहने की चेतावनी जारी की थी, यह कहते हुए कि इन स्थानों पर हमले से जान का खतरा हो सकता है। ईरान की खाड़ी से बाहर हमलों की धमकी ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के खिलाफ उनकी कार्रवाई अब क्षेत्र से बाहर भी जा सकती है। IRGC ने कहा कि हमारा धैर्य जवाब दे चुका है। हम अमेरिका और उसके सहयोगियों के ऐसे ढांचों को निशाना बना सकते हैं, जिससे उन्हें कई सालों तक तेल और गैस नहीं मिल सके। IRGC ने यह भी कहा कि अब तक पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंधों की वजह से संयम रखा गया था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। ईरान ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने रेड लाइन पार की, तो जवाब क्षेत्र से बाहर भी दिया जाएगा। Post Views: 19 Please Share With Your Friends Also Post navigation पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान ने दी राहत, भारतीय तेल-एलपीजी सप्लाई रहेगी जारी