Vastu Tips : पुराने समय में गांवों में घर को गोबर से लीपना एक आम बात थी। आज भी जब हम गांव जाते हैं, तो सुबह-सुबह आंगन से उठती सोंधी खुशबू हमें बचपन की याद दिला देती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर क्यों पहले के लोग अपने घर को गोबर से लीपते थे? इसका सिर्फ साफ-सफाई से ही नहीं, बल्कि धार्मिक और वैज्ञानिक कारणों से भी गहरा जुड़ाव है। पवित्रता और ऊर्जा का स्रोत है गोबर सनातन धर्म में गोबर को शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गोबर में लक्ष्मी का वास होता है। यही वजह है कि पूजा-पाठ या किसी शुभ कार्य से पहले घर के आंगन को गोबर से लीपा जाता है। इससे वातावरण भी सकारात्मक हो जाता है। धार्मिक ग्रंथों में भी वर्णन गोबर का महत्व अथर्ववेद, गरुड़ पुराण और मनुस्मृति जैसे धार्मिक ग्रंथों में भी बताया गया है। गोबर पंचगव्य (गोबर, गोमूत्र, दूध, दही, घी) का भी हिस्सा होता है, जिसे आयुर्वेद में औषधीय माना गया है। मच्छर-मक्खियों से भी बचाता है गोबर गोबर घर को न सिर्फ शुद्ध बनाता है, बल्कि मक्खियों, मच्छरों और कीट-पतंगों को भी दूर रखता है। यह जैविक और पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में प्रयोग में लाया जाता है। त्योहारों और शुभ कार्यों में होती है गोबर की जरूरत जब भी घर में कोई हवन, पूजा या त्योहार होता है, तो आंगन और पूजा स्थान को गोबर से लीपा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में लक्ष्मी का वास होता है और सुख-समृद्धि बढ़ती है। Post Views: 241 Please Share With Your Friends Also Post navigation अद्भुत संयोग : हनुमान जन्मोत्सव पर शनिवार का अद्भुत संयोग …. शनि का राशि परिवर्तन …. वर्ष भर के शुभ फल …. इस वट सावित्री व्रत पर करें ये 5 विशेष दान, अखंड सौभाग्य का मिलेगा वरदान …