दिनेश बारी, लखनपुर नवनिर्वाचित सरपंच पंचगण ग्रामीण घंटों सामुदायिक भवन के सामने सचिव का करते रहे इंतजार-सीईओ ने कहा की जाएगी कार्रवाई लखनपुर सरगुजा कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के आदेशानुसार जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर 12 मार्च 2025 को वित्तीय वर्ष 2025- 26 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) का निर्माण करने हेतु विशेष ग्राम सभा हेतु निर्देशित किया गया था। इधर लखनपुर आकांक्षी विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरौली में पंचायत सचिव चंद्रिका यादव किला प्रवाही के कारण 12 मार्च या 13 मार्च 2025 को स्वच्छता और वार्षिक कार्य योजना को लेकर विशेष ग्राम सभा का आयोजन नहीं हो सका। नवनिर्वाचित सरपंच उर्मिला शिव नारायण सिंह, पंच गण और ग्रामवासी विशेष ग्राम सभा के लिए पंचायत के सामुदायिक भवन में सामने घंटों घुप में खड़े होकर पंचायत सचिव का इंतजार करते रहे। नव निर्वाचित सरपंच और ग्रामीणों के द्वारा सचिव को फोन लगाया गया परंतु सचिव ने फोन रिसीव नहीं किया। फोन के माध्यम से तत्काल मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेद प्रकाश पांडे से शिकायत की गई। जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेद प्रकाश पांडे ने ग्राम सभा प्रभारी अधिकारी पंचायत सचिव चंद्रिका प्रसाद यादव को कई बार फोन किया गया लेकिन पंचायत सचिव ने फोन नहीं उठाया और दूसरे के द्वारा फोन उठाया गया। ग्राम पंचायत उमरौली में विशेष ग्राम सभा की बैठक नहीं होने से नवनिर्वाचित सरपंच उर्मिला शिवनारायण सिंह पंचगण और ग्राम वासियों में पंचायत सचिव के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। पंचायत सचिव के घोर लापरवाही के कारण ग्राम सभा की बैठक नहीं होने पर पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि विशेष ग्राम सभा की बैठक नहीं करने वाले लापरवाह पंचायत सचिव के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है जनपद सीईओ वेद प्रकाश पांडे इस संबंध में लखनपुर जनपद कार्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेदप्रकाश पांडे ने कहा कि जानकारी प्राप्त हुई मेरे द्वारा भी पंचायत सचिव को फोन लगाया गया था परंतु फोन रिसीव नहीं किया गया है जांच उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। Post Views: 343 Please Share With Your Friends Also Post navigation शादी का झांसा देकर जबरन दुष्कर्म के मामले मे सरगुजा पुलिस की त्वरित कार्यवाही, आरोपी को किया गया गिरफ्तार कमीशनखोर अफसरों ने सार्वजनिक शौचालय कों किया ध्वस्त …अपने चहेतों कों लाभ दिलवाने सार्वजनिक शौचालय निगल गई निगम की कांग्रेस सरकार?