रायपुर । विधानसभा बजट सत्र के प्रश्नकाल में भारतमाला प्रोजेक्ट का मुद्दा गरमाया रहा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रोजेक्ट में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाया, जिस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने गड़बड़ी स्वीकार की। महंत ने इस मामले की जांच CBI से कराने की मांग की, जिसे लेकर सदन में तीखी बहस हुई। सदन में हंगामा और अनियमितताओं का खुलासाडॉ. महंत ने सदन में 32 प्लॉटों को 247 टुकड़ों में बांटे जाने पर प्रश्न उठाया। मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि रायपुर कलेक्टर के जांच प्रतिवेदन में अनियमितताएं सामने आई हैं। नायकबांधा क्षेत्र में 13 खसरों को 53 प्लॉटों में विभाजित कर फर्जी नामांतरण से शासन को नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में नायब तहसीलदार और तीन पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तत्कालीन तहसीलदार अभनपुर पर भी कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री का बयान – जांच में कोई ढील नहींमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जांच में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर CBI को प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष ने जांच के लिए विधायकों की समिति बनाने की मांग की, लेकिन मंत्री टंकराम वर्मा ने कमिश्नर जांच का आश्वासन दिया। इससे असंतुष्ट विपक्ष ने CBI जांच की मांग को लेकर बहस की। अधिसूचना के बाद भू-अर्जन में गड़बड़ी स्वीकारमंत्री वर्मा ने सदन में स्वीकार किया कि भारतमाला परियोजना में गड़बड़ी हुई है। अधिसूचना के बाद रकबे को टुकड़ों में बांटा गया और ट्रस्ट की भूमि का दोबारा अधिग्रहण कर ट्रस्ट के ही व्यक्ति को मुआवजा दिया गया। इस मामले में डिप्टी कलेक्टर, SDM, तहसीलदार और पटवारी पर कार्रवाई की गई है। FIR की मांग, हाईकोर्ट जाने की चेतावनीडॉ. महंत ने दोषी अधिकारियों पर FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि निलंबन एक प्रक्रिया मात्र है, जिससे आरोपी बच निकलते हैं। अगर सरकार CBI जांच के लिए तैयार नहीं होती, तो वह इस मामले को हाईकोर्ट लेकर जाएंगे। स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने इस पर कहा कि उन्हें हाईकोर्ट जाने से कोई नहीं रोक सकता। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया। केलो प्रोजेक्ट में भी अनियमितताओं का मुद्दाकेलो प्रोजेक्ट में भू-अर्जन की अनियमितताओं का मुद्दा विधायक उमेश पटेल ने उठाया। उन्होंने मंत्री टंकराम वर्मा के अलग-अलग बयानों पर आपत्ति जताई और प्रोजेक्ट की पूर्णता को लेकर सवाल किया। मंत्री ने बताया कि योजना 80% पूरी हो चुकी है, लेकिन 23 प्रकरण अभी लंबित हैं। विपक्ष ने की नारेबाजी, बहिर्गमन कियाविपक्ष के नेता भूपेश बघेल ने प्रोजेक्ट में जमीनों की अनियमितता के आरोप लगाए और जांच के लिए सदन की समिति गठित करने की मांग की। मंत्री वर्मा ने विभागीय जांच का भरोसा दिलाया, लेकिन विपक्ष ने इसे अस्वीकार करते हुए हंगामा किया और नारेबाजी के बाद सदन से बहिर्गमन कर दिया। Post Views: 188 Please Share With Your Friends Also Post navigation जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार कार्यवाही जारी.. गेवरा खदान में ग्रामीणों का हड़ताल, SECL के खिलाफ आक्रोश..